मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
तिलोई। मौसम में बदलाव का असर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिखा। बृहस्पतिवार को यहां मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह पंजीकरण शुरू होने के साथ ही विभिन्न विभागों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। चिकित्सक के कक्ष के बाहर लाइन में लगे कई मरीज और तीमारदार फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
सबसे अधिक दबाव मेडिसिन विभाग में देखने को मिला। मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त चिकित्सक की व्यवस्था की। इसके बावजूद दोपहर तक मरीजों की भीड़ बनी रही। दवा वितरण केंद्र और जांच कक्ष के बाहर भी लोगों की लंबी लाइन लगी रही। चिकित्सकों के अनुसार उमस और मौसम में बदलाव के कारण डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में 1,418 मरीजों ने उपचार कराया। इनमें सबसे अधिक 458 मरीज मेडिसिन विभाग पहुंचे। 267 मरीज सर्जरी, 249 ऑर्थोपेडिक और 228 मरीज चेस्ट एवं टीबी विभाग में पहुंचे।
चार घंटे तक नहीं आया नंबर
मुसाफिरखाना निवासी दिलराजा ने बताया कि सुबह नौ बजे परचा बनवाने के बाद मेडिसिन विभाग के बाहर कतार में लग गए, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद चिकित्सक तक पहुंच सके। शुकुल बाजार निवासी देशराज ने कहा कि इलाज के लिए चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सिंहपुर निवासी रामअवतार ने बताया कि भीड़ के कारण काफी देर तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इन्हौंना निवासी रेखा देवी ने कहा कि उपचार कराने में आधा दिन निकल गया।
एक्सरे कक्ष पर भी बढ़ा दबाव
ओपीडी की भीड़ का असर एक्सरे कक्ष में भी दिखाई दिया। जायस निवासी रामनरेश ने बताया कि जांच के लिए काफी देर तक कतार में इंतजार करना पड़ा। तिलोई निवासी शिवकुमार ने कहा कि नंबर आने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग गया। संग्रामपुर निवासी फूलमती देवी ने बताया कि रिपोर्ट मिलने तक दोपहर हो गई। बहादुरपुर निवासी विनोद कुमार ने कहा कि मरीजों की संख्या अधिक होने से जांच प्रक्रिया सामान्य दिनों की तुलना में धीमी रही।
बदलते मौसम से बढ़ रही भीड़
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आजम खान ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार दिया जा रहा है। उप प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार ने बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए चिकित्सा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।