गौरीगंज (अमेठी)। राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में अध्ययनरत कमजोर बच्चों को उपचारात्मक शिक्षा देकर उन्हें दक्ष किया जाएगा। गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी विषयों में कमजोर विद्यार्थियों को ही उपचारात्मक शिक्षण के लिए चिह्नित किया गया है। जिले में चिह्नित 6452 विद्यार्थियों को विशेष पाठ्य पुस्तक के जरिए शिक्षा दी जाएगी। चिह्नित विद्यार्थियों को अतिरिक्त क्लास संचालित कर शिक्षित करने के बाद परीक्षा के जरिए उनका मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर बच्चों का चहुंमुखी विकास करने की दिशा में माध्यमिक शिक्षा विभाग काम करेगा।
जिले में संचालित 36 राजकीय हाईस्कूल में शैक्षिक सत्र 2022-23 में कक्षा नौ 2936 तो कक्षा 11 में 1587, हाईस्कूल में 3405 तथा इंटर में 1947 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पंजीकृत विद्यार्थियों की विषयवार कमजोरी को पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने चिह्नित किया था। चिह्नीकरण के दौरान अलग-अलग विषयों में जिले में 6405 विद्यार्थियों को सूचीबद्ध किया गया है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत कक्षावार नामांकित 20 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को जिनकी दक्षता गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय में कम है चिह्नित किया गया है, इन्हें कर उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। संबंधित विद्यालय में विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी के अध्यापक उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में पास के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों या सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा।
विद्यार्थियों को चिह्नित करने के बाद उपचारात्मक शिक्षण मॉड्यूल की विषयवार पुस्तकों की आपूर्ति माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजी गई है। पाठ्य पुस्तक की मदद से कॉलेज में अतिरिक्त क्लास संचालित शिक्षित किया जाएगा। क्लास में विशेष शिक्षण पद्धति व विशेष पाठ्य पुस्तक से पढ़ाई कराते हुए विद्यार्थियों को विषय में दक्ष किया जाएगा। पढ़ाई के बाद परीक्षा की मदद से विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के बाद उपचारात्मक शिक्षा विधि से हुए शैक्षिक स्तर में सुधार की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थी की शिक्षण पद्धति का निर्धारण किया जाएगा।
फरवरी में होगी परीक्षा
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष मिश्र ने बताया कि उपचारात्मक शिक्षक मॉड्यूल की विषयवार पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति मिल चुकी है। आपूर्ति में कक्षा नौ व दस की गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी व हिंदी की किताब है। इसी तरह कक्षा 11 एवं 12 में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व भौतिक विज्ञान शामिल है। पाठ्य पुस्तक की मदद से विशेष शिक्षण के बाद फरवरी माह में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा से विद्यार्थियों के स्तर का मूल्यांकन किया जाएगा।
बढ़ेगी कमजोर विद्यार्थियों की शैक्षिक क्षमता
उपचारात्मक शिक्षा शैक्षिक दृष्टि से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी। चिह्नित विद्यार्थियों को अतिरिक्त क्लास में विषयवार नामित शिक्षक पढ़ाएंगे। प्रधानाचार्यों को निर्देश देेते हुए पाठ्यपुस्तक प्राप्त कर शिक्षण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षण के बाद मूल्यांकन कर रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी। चिह्नित बच्चों का जल्द शैक्षिक भ्रमण कराते हुए सामाजिक ज्ञान वृद्धि में भी सहयोग किया जाएगा। - उदय प्रकाश मिश्र, डीआईओएस