अमेठी सिटी। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में बिजली संकट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हो रही कटौती व ट्रिपिंग के चलते उपभोक्ताओं को रातभर में बमुश्किल से दो से तीन घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। अघोषित कटौती के चलते लोगों में उमस भरी गर्मी में रातें जागकर गुजरना पड़ रही हैं। दिन में भी बिजली न आने से आम लोगों की दिनचर्या के साथ कारोबार और फसलों की सिंचाई तक प्रभावित हो रही है।
जिला मुख्यालय को कटौती मुक्त घोषित किए जाने के बावजूद उपभोक्ताओं को 24 घंटे की जगह करीब 13 घंटे ही बिजली मिल रही है। बुधवार रात 8:30 बजे बाधित हुई बिजली आपूर्ति आधी रात के बाद 2:45 बजे बहाल हो सकी। इसके बाद भी लगातार आवाजाही बनी रही। लोग गर्मी से परेशान होकर रातभर छतों और घरों के बाहर टहलते नजर आए। ऊर्जा निगम की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कई उपकेंद्रों पर पूरी रात रहा संकट
अमेठी। शुकुलपुर, पीठीपुर, खरौना और बेनीपुर उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में बुधवार रात बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमराई रही। शाम 6:30 बजे बाधित हुई बिजली आपूर्ति की आवाजाही रात भर लगी रही। उपभोक्ताओं को पूरी रात मुश्किल से दो-तीन घंटे ही बिजली मिल सकी। क्षेत्रीय निवासी मनोज मिश्र व व्यापारी अमित सिंह ने बताया कि बिजली ने दिन के साथ ही रात का सुखचैन भी छीन लिया है। एसडीओ कमलेश कुमार ने ओवरलोड और तकनीकी फॉल्ट को समस्या की वजह बताया। (संवाद)
बिजली कटौती से बढ़ी नाराजगी
फुरसतगंज। उपकेंद्र से जुड़े डिघिया, टेकारी उदारी और फुरसतगंज फीडरों के हजारों उपभोक्ता लगातार कटौती और ट्रिपिंग से परेशान रहे। बुधवार रात आठ बजे से 11 बजे तक बिजली बाधित रही। इसके बाद भी पूरी रात आवाजाही चलती रही। स्थानीय निवासी सुरेंद्र, अनिल श्रीवास्तव, अतुल तिवारी, अजय यादव और रामनरेश साहू ने बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। अवर अभियंता राम अचल गुप्ता ने बताया कि निर्देश के तहत रोस्टिंग की जा रही है। (संवाद)
रात की बजाय दिन में कटौती की मांग
बाजारशुकुल। भीषण गर्मी में रात में होने वाली बिजली कटौती से लोग परेशान नजर आ रहे हैं। खेमेमऊ निवासी रामसुंदर यादव, पाली गांव के जय सिंह और कस्बा निवासी संतोष शुक्ल ने ऊर्जा निगम से मांग की कि रात में पांच से छह घंटे कटौती करने की बजाय दिन में बिजली कटौती की जाए ताकि उमस भरी गर्मी से रात में लोगों को राहत मिल सकें। (संवाद)