गौरीगंज (अमेठी)। उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को दोपहर में दो घंटे हुई झमाझम से कुछ हद तक राहत मिली। इस दौरान राजाफत्तेपुर, तिलोई, जायस, शाहगढ़, अमेठी सहित अन्य स्थानों पर हुई झमाझम से किसानों के चेहरों पर सुकून भरी खुशी दिखी। बारिश के बाद अधिकांश इलाकों में किसानों ने ट्रैक्टर से खेतों की जोताई करने के साथ धान की बेड़न की रोपाई भी तेज कर दी है। दूसरी तरफ दो घंटे की जोरदार बरसात से जिले में जगह-जगह हुए जलभराव से लोगों को काफी परेशानी भी उठाना पड़ी।
जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण लोगों को सड़कों पर घुटनों तक भरे में से होकर आवागमन को विवश होना पड़ा।
दूसरी तरफ नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डा. सीताराम मिश्र ने 15 जुलाई तक जिले में अच्छी बरसात होने की उम्मीद जताई है। बताया कि इसके बाद 15 से 19 के बीच मध्यम बारिश संभव है। इस दौरान पुरवा चलने के साथ ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम रहेगा।
बृहस्पतिवार को हुई झमाझम बारिश के कारण तहसील, थाना, ब्लॉक, जूनियर हाई स्कूल, पशु अस्पताल, सीएचसी, रामलीला मैदान, एसडीएम कालोनी, गंगागंज, तोपखाना मोहल्ला, ककवा रोड पर जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालय परिसरों में जलभराव हो जाने से जरूरतमंदों के साथ ही कार्यरत कर्मचारियों को भी पहुंचने व कागजी दस्तावेजों को खराब होने से बचाने के लिए खासी मशक्कत करना पड़ी।
इन्हौना में भी बृहस्पतिवार को दो घंटे की अच्छी बारिश के कारण निचले इलाकों में रोपी गई धान की फसल डूब गई। सिंहपुर ब्लाक मुख्यालय की ग्राम पंचायत सिंहपुर का मिनी सचिवालय के परिसर में भी जलभराव हो गया। टिकरी क्षेत्र की चांदे झील, हथरोहना क्षेत्र की मदहा झील और रामपुर पंवारा के निकट खेखरुआ व सेमरौता झील में बरसात के पानी से झील का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
बारिश के कारण जायस ब्लॉक बहादुरपुर के अंतर्गत ओदारी चौराहे के समीप वीरांगना अवंतीबाई इंटर कालेज के बगल के मार्ग पर हुए जलभराव व कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठाना पड़ी। यह मार्ग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है। मो. इसकार, श्यामलाल ने बताया कि अकेलवा चौराहे से पीढ़ी रोड पर हुए जलभराव के कारण भी काफी परेशानी उठाना पड़ी । दूसरी तरफ किसानों के चेहरों पर दो घंटे हुई इस झमाझम से
घरों व दुकानों में भरा पानी
भादर। सांगापुर गांव में भोलानाथ के घर के पास सड़क के किनारे नाली न होने से लोगों के घरों व दुकानों में बारिश का पानी भर जाता है। जलभराव न हो की समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं खुदाई करके कच्ची नाली को बनाया है, जो परेशानी से राहत दिलाने को नाकाफी है। दो घंटे हुई भारी बरसात के कारण नाली कट जाने से पानी बहकर लोगों के घरों व दुकानों में भर गया। (संवाद)