कमरौली (अमेठी)। अधिग्रहीत भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे ग्रामीणों व महिला किसानों ने गुरुवार को थाने में प्रदर्शन कर यूपीसीडा कर्मियों पर अभद्रता और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाया। यह विवाद बुधवार को धान की रोपाई के दौरान हुआ, जब किसान खेत में थे और यूपीसीडा के कुछ कर्मचारी वहां पहुंचे।
भाकियू (भानु गुट) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने में जमा हुए और विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि जिस भूमि पर वे खेती कर रहे हैं, उसका अधिग्रहण वर्ष 1985 में किया गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। पीड़ित महिला किसानों ने तहरीर में बताया है कि रोपाई रोकने की कोशिश करते हुए कर्मियों ने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और अभद्रता की।
उन्होंने यह कहा कि भूमि से बेदखली का प्रयास न्यायालय में विचाराधीन वाद की अवमानना है। किसानों का कहना है कि जब तक न्यायालय से कोई निर्णय नहीं आता है, तब तक उन्हें खेती से नहीं रोका जा सकता। थाना प्रभारी मुकेश पटेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जांच पूरी होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।