गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना की 70 फीसदी जांच फर्जी होने के संबंध में शनिवार को एक वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
वीडियो में अमेठी सीएचसी से संबद्ध चालक ने अधीक्षक पर जबरन सैंपलिंग कराए जाने का भी आरोप लगाया है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने तत्काल दो एसीएमओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मांगी है।
वायरल वीडियो में बयान देने वाला व्यक्ति अपना नाम जितेंद्र कुमार जायसवाल और खुद को सीएचसी अमेठी में संबद्ध वाहन का चालक बता रहा है। उसने आरोप लगाया है कि कोरोना का संक्रमण शुरू होने के साथ सीएचसी अधीक्षक उस पर क्षेत्र में जाकर जांच के लिए सैंपलिंग करने का दबाव बनाने लगे।
मना करने पर ठेके का वाहन हटाने की धमकी देने लगे। चालक का कहना है कि उसकी टीम की ओर से 70 फीसदी लोगों का सिर्फ नाम लिख लिया जाता है। उनका सैंपल नहीं लिया जाता है। यह भी कहा है कि उसने अपने एक परिचित के घर जाकर पूरे परिवार का नाम लिखा था।
रिपोर्ट में परिचित व उनके पुत्र का नाम पॉजिटिव आने पर जब उसने थाने में रिपोर्ट लिखाने की बात कही तो अस्पताल के एक कर्मचारी ने सीएमओ कार्यालय से दोनों का नाम हटाकर जितेंद्र का नाम अंकित कराया था।
चालक ने मुख्यमंत्री कार्यालय, डीएम तथा स्थानीय विधायक को पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई करने तथा निकाले गए उसके वाहन को दोबारा लगवाने की मांग की है। वारयल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद तथा डॉ. राम प्यारे को जांच अधिकारी नामित करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है।
जांच में पुष्टि पर होगी कार्रवाई : सीएमओ
सीएमओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट में शिकायत सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच में आरोप की पुष्टि नहीं होने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने जिले में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से जांच कराए जाने का दावा किया।