अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील में तैनात एक लिपिक का घूस लेते वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। डीएम ने प्रकरण का संज्ञान लिया तो पता चला कि लिपिक पूर्व से ही निलंबित चल रहा है। डीएम ने एसडीएम को पूर्व के प्रकरण में इसका भी आरोप पत्र शामिल करने का निर्देश दिया है।
मुसाफिरखाना तहसील में तैनात लिपिक नीलकंठ का मंगलवार देर रात से एक ग्रामीण से घूस लेने का वीडियो वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में लिपिक ग्रामीण से तीन हजार रुपये की मांग कर रहा है।
ग्रामीण की ओर से काम करने के लिए सरकार से तनख्वाह मिलने की भी बात कही जा रही है। काफी देर तक कुछ कम करने की जद्दोजहद के बाद ग्रामीण की ओर से पहले कुछ रुपये लिपिक को दिए जाते हैं तो वह उसे लेने से इंकार करता है। फिर उसकी मांग के अनुरूप राशि देने के बाद लिपिक उसे लेकर अपनी जेब में रखता दिखाई दे रहा है।
प्रकरण का संज्ञान लेते हुए डीएम अरुण ने एसडीएम से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने बताया कि करीब एक माह पूर्व उनकी ओर से तहसील के वार्षिक निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलने पर इस लिपिक को निलंबित किया गया था।
निलंबन के बाद जांच एसडीएम रामशंकर को सौंपते हुए आरोप पत्र तैयार करने को कहा गया था। डीएम ने कहा कि एसडीएम को पूर्व से चल रही जांच में वायरल वीडियो में घूस लेने का भी आरोप पत्र शामिल करने को कहा गया है।