गौरीगंज (अमेठी)। शासन के निर्देश पर मंगलवार को नामित नोडल अफसरों ने कोविड अस्पतालों में क्रियाशीलता की हकीकत परखी। अस्पताल में लगाए उपकरणों समेत स्टॉफ से मरीज आने पर इलाज करने का तरीका पूछा।
कोविड के बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए शासन के निर्देश पर एल-2 व एल-1 अस्पतालों में मॉकड्रिल कराई गई। शासन से एल-2 के लिए नामित मंडलीय अफसर डॉ. अंकुश शुक्ल मंगलवार की दोपहर 11:30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर व सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल के साथ एल-2 हॉस्पिटल पहुंचे।
नोडल अफसर उस वार्ड में पहुंचे जहां पाइप लाइन से बेडों तक ऑक्सीजन आपूर्ति होती है। उन्होंने बेड पर लगी ऑक्सीजन पाइप को चालू कराकर देखा। इसके बाद वेंटीलेटर वार्ड में पहुंचे, जहां डॉ. लईक उज जमा ने वेंटिलेटर मशीन चलाकर दिखाया। नोडल अफसरों ने उनसे मरीज आने पर वेंटिलेटर लगाने आदि का तरीका पूछा।
वेंटिलेटर वार्ड के बाहर रखी इमरजेंसी में प्रयोग होने वाली दवाओं के बारे में स्टाफ नर्स से जानकारी ली। फिर वे परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पहुंचे। वहां उन्होंने ऑपरेटर से प्लांट की बारीकियों की विस्तार से जानकारी ली। ऑपरेटर ने सभी सवालों का जवाब दिया।
उपकरणों की क्रियाशीलता से संतुष्ट होने के बाद नोडल सीएमएस कार्यालय पहुंचे। जहां कोविड के दौरान प्रयुक्त होने वाले उपकरण/सामग्री की उपलब्धता के बारे में पूछा। सीएमएस ने बताया कि उनके पास 98 ऑक्सीजन सिलिंडर, 100 कंसेट्रेटर के साथ सभी जरूरी दवाएं व अन्य सामग्री उपलब्ध हैं। कोविड मरीजों के लिए 100 बेड आरक्षित हैं।
एल-1 अस्पताल के रूप में चयनित सीएचसी बाजार शुकुल, फुरसतगंज, संग्रामपुर, शाहगढ़ व ट्रामा सेंटर जगदीशपुर में भी सीएमओ द्वारा नामित नोडल अफसरों ने मॉकड्रिल में शामिल होकर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान एल-2 के नोडल डॉ. अभय गोयल, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद व डॉ. पीके उपाध्याय आदि मौजूद रहे।