अमेठी सिटी। मध्य प्रदेश के उज्जैन में करीब 2.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी अमेठी निवासी आरोपी को कस्टडी में लेकर उज्जैन की पुलिस शुक्रवार को अमेठी पहुंची। पुलिस ने उसकी संपत्ति के साथ कई खातों की जांच पड़ताल की है। आरोपी की एक लग्जरी गाड़ी बरामद कर ले गई है। उज्जैन पुलिस मामले में कुछ बताने को तैयार नहीं है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुंशीगंज के लीला पांडेय का पुरवा गांव निवासी राजभवन यादव ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक कारोबारी से करीब दो करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी कर अमेठी भाग आया। यहां पर उसने कारोबार खड़ा किया। फैक्टरी, गाड़ियां बना ली, लेकिन उसके खिलाफ उज्जैन के माधव नगर थाने में पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को पुलिस उसे कस्टडी में लेकर अमेठी पहुंची।
पुलिस ने अमेठी के आवास विकास कॉलोनी निवासी पीके सिंह के यहां से गाड़ी बरामद की। गाड़ी को लेकर पुलिस अमेठी थाने पहुंची। जांच में पता चला कि पीके सिंह ने गाड़ी खरीदी है। उज्जैन पुलिस ने पीके सिंह से कोर्ट के जरिए गाड़ी रिलीज कराने की बात कहते हुए गाड़ी अपने साथ ले गई।
उज्जैन के माधव नगर थाने आए पुलिस टीम प्रभारी एसआर चौहान ने बताया कि राभवन यादव पर अगस्त माह में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसने दो करोड़ 85 लाख की ठगी की थी। गाड़ी व कुछ अन्य दस्तावेज आदि जब्त किया है। अमेठी इस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि उज्जैन पुलिस आरोपी रामभवन को लेकर आई थी। उसके बारे में टीम ने जांच पड़ताल की है। साथ ही एक गाड़ी भी जब्त कर ले गई है।
ठगी के सहारे खड़ी की करोड़ों की सल्तनत
राजभवन यादव बेहद शातिर बताया जा रहा है। क्षेत्रीय जानकारों का कहना है कि राजभवन लोगों से अलग थलग रहता था। स्थानीय लोगों से ज्यादा वास्ता नहीं रखता था। उसने मध्य प्रदेश के उज्जैन में फ्राड किया। उसके बाद यहां अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया। वह लग्जरी गाड़ियों का शैकीन है। उसके पास कई लग्जरी गाड़िया हैं। काली कमाई से राइस मिल सहित कई कारोबार खड़े कर लिए। अब वह अपने अलग ही अंदाज में रहता था, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बाद उसकी करतूतों के बारे में लोगों को पता चला।
जब्त गाड़ी बेच चुका था आरोपी
बताते हैं कि जिस फार्च्यूनर गाड़ी को उज्जैन पुलिस जब्त करके आज ले गई है। वह गाड़ी अमेठी के आवास विकास के पीके सिंह के हाथ बेच चुका था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रामभवन ने अमेठी में भी काम करवाने सहित कई अन्य तरीके से तमाम लोगों से ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ अमेठी में भी कई मामले दर्ज हैं। सूत्र बताते हैं कि उसने पीके सिंह व उनके सहयोगियों से लाखों रुपये लिए थे, लेकिन जब रुपये नहीं दे पाया तो उसने गाड़ी उन्हीं को बेच दी थी।