वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रहे थे दोनों, अमेठी कस्बा स्थित फ्लाईओवर के पास हुआ हादसाफोटो संख्या-
संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रहे बाइक सवार पिता-पुत्र को रविवार की रात अमेठी कस्बे में एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। हादसे के बाद दोनों की अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद टक्कर मारने वाला चालक वाहन सहित भाग निकला। मृतक सब्जी बिक्रेता था और उसका बेटा कास्मेटिक की दुकान पर काम करता था। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मुंशीगंज कस्बा निवासी अंबिका कनौजिया (58) अपने पुत्र लोकेश कनौजिया (19) के साथ बाइक से रविवार को अमेठी थाने के महमदपुर गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से दोनों लोग देर रात लौट रहे थे। इस बीच जब वह अमेठी कस्बे के मुंशीगंज रोड स्थित फ्लाईओवर के पास पहुंचे। तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने इनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में दोनों लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद चालक वाहन समेत मौके से भाग निकला। हादसे में घायल पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने अंबिका कनौजिया को मृत घोषित कर दिया। लोकेश को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लोकेश की भी जिला अस्पताल में देर रात मौत हो गई। पिता-पुत्र की मौत की खबर कस्बे में पहुंची तो कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षण कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। कस्बे में लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से वाहन व चालक की पहचान की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि जल्द ही वाहन व चालक को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के समय पिता-पुत्र ने हेलमेट पहन रखा था। लेकिन अज्ञात वाहन शरीर के ऊपर से गुजर गया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
बिलख रही मां, कोई मेरा बेटा लौटा दे
मुंंशीगंज कस्बे में पिता-पुत्र की मौत के बाद एक परिवार का सहारा समाप्त हो गया। अंबिका मुंशीगंज कस्बे में सब्जी की दुकान चलाते थे। उनका बेटा लोकेश कस्बे में कॉस्मेटिक की दुकान पर नौकरी करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर नहीं थी, लेकिन किसी तरह जीवन चल रहा था। रविवार की रात परिवार को जीवन भर का जख्म दे गई। अंबिका की पत्नी सावित्री पति व पुत्र के मौत की सूचना के बाद से बदहवास होकर सिर्फ एक बात ही बोलती है, कि यदि इस अनहोनी का पता होता तो कार्यक्रम में शामिल होने नहीं जाने देती। कोई बेटे को लौटा दे। तीन विवाहित पुत्रियां पूजा, उमा व सीमा और पुत्र लवलेश का रोकर बुरा हाल है। परिवार लोकेश की शादी करने की तैयारियां बना रहा था। मां सावित्री अपने छोटे बेटे के लिए बहू लाने की तमन्ना पाले थी। लेकिन काल के चक्र में परिवार बिखर गया।
कस्बे में बंद रहीं दुकानें, पसरा सन्नाटा
मुंशीगंज कस्बे में सब्जी की दुकान करने वाले अंबिका कनौजिया मिलनसार व हंसमुख स्वभाव के थे। सोमवार को अंबिका व उसके बेटे लोकेश की मौत की सूचना पर कस्बे में पहुंची तो मातमी सन्नाटा पसरा गया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। व्यापारी पहले दुख की इस घड़ी में परिवार की मदद के लिए घर पहुंचे। उसके बाद पोस्टमॉर्टम हाउस गए। रंजीत सिंह, संदीप दुबे, पप्पू मोदनवाल, रविंद्र, पंकज गुप्ता, द्वारिका मौर्या, मखन पांडेय, सुलेमान, रामराज जायसवाल व दिलीप यादव समेत बड़ी संख्या में व्यापारियों ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कहा कि अंबिका बहुत ही मिलनसार थे।
अंबिका (फाइल फोटो)