फुरसतगंज (अमेठी)। थाना क्षेत्र में बुधवार की देररात दिल के मरीज पिता और उनको रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे किनारे टहला रहे अधिवक्ता बेटे को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। हादसे में बुजुर्ग की मौके पर मौत हो गई, जबकि अधिवक्ता ने रायबरेली जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसा पर हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि पिता-पुत्र को रौंदने वाले वाहन का पता लगाया जा रहा है।
फुरसतगंज इलाके के निगोहा गांव निवासी मोहम्मद सईद (33) पेशे से वकील थे। उनके 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता मोहम्मद नसीम आईटीआई से सेवानिवृत्त थे, और वह दिल के मरीज थे। रमजान के चलते दोनों लोग रोजा रखते थे। बुधवार रात दिल के मरीज नसीम को कुछ तकलीफ महसूस हुई तो बेटे सईद उन्हें लेकर गांव के पास रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे पर टहलाने के लिए ले गए। दोनों लोग हाईवे किनारे टहल रहे थे। तभी अचानक एक अज्ञात वाहन दोनों को रौंदकर चला गया।
आसपास मौजूद लोग घटना स्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंच कर देखा तो बुजुर्ग नसीम की मौत हो चुकी थी, जबकि उनके बेटे सईद गंभीर रूप से जख्मी होकर मरणासन्न स्थिति में थे। लोगों ने फौरन सईद को सीएचसी फुरसतगंज पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें रायबरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
इंस्पेक्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि मृतक बुजुर्ग का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिवक्ता की मौत रायबरेली में हुई थी। उनका पोस्टमार्टम रायबरेली में हो रहा है। टक्कर मारने वाले वाहन का पता लगाया जा रहा है।
बुजुर्ग नसीम का भरा-पूरा था परिवार
दिल की बीमारी से परेशान चल रहे मोहम्मद नसीम आईटीआई से 2018 में रिटायर्ड हुए थे। उनका भरा-पूरा परिवार है। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। रिश्तेदारों ने बताया कि घर में नसीम की पत्नी मोहम्मदुन निशा के अलावा बड़ा बेटा मोहम्मद रफी (37), मझला बेटा मोहम्मद सफी (35), साथ में मृतक हुआ छोटा बेटा मोहम्मद सईद (33), बेटी साफिया बानो (32), बेटी रुबीना बानो (30) व सुबीना बानो (28) सहित छह बच्चे हैं।
तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
पिता के साथ ही सड़क हादसे का शिकार हुए अधिवक्ता मोहम्मद सईद की मौत से उनकी तीन मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। सईद की करीब छह साल पूर्व जायस कस्बे की रहने वाली निशा बानो से शादी हुई थी। सईद के परिवार में पत्नी के अलावा तीन मासूम बेटियां चार वर्षीय इफरा, तीन वर्षीय इजरा व दो साल की बुसरा हैं। सईद की मौत के बाद पत्नी व बेटियां जार-ओ-कतार रो रही हैं।
घर में चल रही थीं ईद की तैयारियां
फुरसतगंज। अधिवक्ता सईद के घर में ईद की तैयारियां चल रही थीं। रमजान के चलते सभी लोग इबादत के साथ ही ईद को लेकर कपड़े आदि की खरीदारी में लगे थे। यह किसी को नहीं पता था कि ईद से पहले ही घर से सारी खुशियां गम में बदल जाएंगी।
रोजा इफ्तार, नमाज व खाने-पीने के बाद सईद अपने पिता नसीम को लेकर टहलने निकले थे। अचानक मौत बनकर पहुंचे एक अज्ञात वाहन ने दोनों को रौंद दिया। घर में ईद की खुशियों की जगह मौत पर मातम मनाया जा रहा है। सईद की मासूम बेटियां अब्बू को याद कर दहाड़े मार कर रो रही हैं। जो पिता उन्हें ईद के लिए कपड़े, मिठाई और ईदी के लिए खूब पैसे देने की पेशकश कर रहा था, अब वह इस दुनिया में नहीं रहा। पिता-पुत्र की मौत से परिवार ही नहीं रिश्तेदार व गांव के लोग भी गमजदा हैं।