फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सब्जी व तिलहनी फसल तबाह, 23 मकान धराशायी

विज्ञापन
25 : गौरीगंज : जगदीशपुर क्षेत्र में बरसात का पानी जमा होने से नष्ट हो रही सब्जी की फसल। -संवाद - फोटो : AMETHI
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बरसात के दौरान दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर 23 मकान धराशायी हो गए। प्रशासन क्षति का आंकलन करा प्रतिपूर्ति देेने की कवायद में जुटा है। खेतों में हुए जलभराव से धान की फसल के साथ सब्जी तथा तिल, उरद व मूंग की फसल बर्बाद हो गई। कई गांवों के संपर्क मार्ग पर जलभराव होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन

तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी कई जगह छिटपुट बरसात हुई तो अन्य क्षेत्र में पूरे दिन आसमान में बदली छाई रही। लगातार बेमौसम हो रही बरसात से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बरसात से सर्वाधिक क्षति तिलोई तहसील में हुई है। तहसील क्षेत्र के भेलाई खुर्द के गुलशन की बकरी और विराज के मुमताज की गाय मलबे में दबकर मर गईं। मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में 12 मकान और अमेठी तहसील क्षेत्र में दो भवन क्षतिग्रस्त हो गए।
सिंहपुर के अहोरवा भवानी निवासी दो सगे भाइयों शफीक व रफीक के घर गिर गए राहत की बात रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मलबे में दबकर घरेलू सामान का नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के चलते जगह-जगह जलभराव हो गया। गौरीगंज के संभावा गांव में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया तो तिलोई तहसील के चेतरा बुजुर्ग के चेतरा खुर्द (बुकवा) के बीच बना संपर्क मार्ग जलमग्न होने से आवागमन बंद हो गया।
विज्ञापन

भादर ब्लॉक क्षेत्र के नरायनपुर मजरे अग्रेसर गांव में हुए जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। बरसात और छीड़ा माइनर से विजय कुमार, अखिल, राम आसरे, रामसुख, हीरालाल, रोहित व जगदीश समेत कई घरों में पानी घुस गया है। गृहस्थी बरबाद हो रही है वहीं लोगों को घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बरसात से सर्वाधिक नुकसान सब्जी किसानों को हुआ है।
खरीफ सीजन में जिले में 1265 हेक्टेयर में शंकर खीरा, बैगन, करेला, लौकी, कद्दू, तोराई व परवल की खेती हुई है। 14,620 एमटी उत्पादन होने की संभावना थी लेकिन बरसात से सब्जी उत्पादन प्रभावित होने का अंदेशा है तो जलभराव से पेड़ों के सड़ने की आशंका है। इसके साथ ही 6412 हेक्टेयर में बोई गई उरद, 266 हेक्टेयर में बोई गई मूंग, 4850 हेक्टेयर में बोई गई अरहर तथा ,102 हेक्टेयर में तिल की फसल का उत्पादन भी प्रभावित होने सकता है।
कई स्कूलों में भरा पानी
अमेठी। बारिश से शुक्रवार को दिन में आंशिक राहत जरूर मिली लेकिन लगातार हुई बरसात से कई विद्यालयों और खेतों में पानी भरा हुआ है। बरसात का पानी पशु अस्पताल तथा कस्बे में स्थित कंपोजिट विद्यालय समेत कई स्थानों पर भरा हुआ है। सबसे खराब स्थिति किसानों की है। शुरुआत में बरसात न होने से 40 फीसद किसान धान की रोपाई नहीं कर पाए। अब जब धान की फसल तैयार होने पर थी तब बरसात के चलते भारी नुकसान हुआ है। आलू तथा सब्जी की अगेती खेती करने की तैयारी में जुटे किसानों के अरमान पर भी बरसात ने पानी फेर दिया है।

27 : अमेठी : खेत में गिरी धान की फसल। -संवाद- फोटो : AMETHI

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें