अमेठी। शहर के ककवा रोड स्थित दवा की दुकान की जांच करने पहुंचे औषधि निरीक्षक व दवा व्यापारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इससे नाराज दवा कारोबारियों ने औषधि निरीक्षक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हंगामा काटने के साथ ही दवा दुकानें बंद कर विरोध जताया। स्थिति बिगड़ती देख ड्रग इंस्पेक्टर को पुलिस बुलाना पड़ी। सूचना के बाद पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने दोनों पक्षों को समझा बुझा कर स्थिति को बिगड़ने से बचाया।
एफएसडीए की औषधि इकाई के निरीक्षक कमलेश मिश्रा बुधवार को दोपहर में ककवा रोड स्थित अग्रहरि मेडिकल स्टोर पर जांच पड़ताल के लिए पहुंचे थे। दवा कारोबारी अजय अग्रहरि ने जब जांच का कारण पूछा तो बताया गया कि उनके खिलाफ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। दुकानदार ने शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर उसके सामने ही जांच करने की बात कही।
इसे लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। इसकी जानकारी आस पास संचालित अन्य दवा दुकानदारों तक पहुंचने के बाद वह भी अपनी अपनी दुकानें बंद कर मौके पर पहुंच गए। उनका आरोप था कि औषधि निरीक्षक जांच के नाम पर जबरन दबाव बनाने को दवा दुकानदारों का उत्पीड़न करते हैं।
स्थिति बिगड़ती देख औषधि निरीक्षक ने पूरे मामले की जानकारी आला अधिकारियों को देते हुए मौके पर पुलिस बुला ली। औषधि निरीक्षक ने बताया कि इस मामले में सरकारी काम काज में बाधा डालने के साथ ही अन्य आरोप के संबंध में पुलिस को तहरीर दी जा रही है। इस संबंध में एसएचओ अरुण द्विवेदी ने बताया कि औषधि निरीक्षक और व्यापारियों के बीच कहासुनी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के अतिरिक्त कोई विवाद नहीं हुआ है। किसी भी पक्ष ने इस मामले में अब तक कोई तहरीर भी नहीं दी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने व्यापारियों से की बात
ड्रग इंस्पेक्टर और दवा व्यापारियों के बीच हुए विवाद की सूचना के बाद पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने दोनों पक्षों को समझा बुझा कर विवाद शांत कराया। उनका कहना था कि जो भी नियम कानून है, उसके संबंध में पहले दवा व्यापारियों के साथ बैठक कर उन्हें जानकारी दी जाए। अनावश्यक रूप से दवा व्यापारियों को जांच के नाम पर परेशान न किया जाए।
सस्पेंड लाइसेंस पर हो रही थी दवा बिक्री
दूसरी तरफ ड्रग इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा ने बताया कि बुधवार को अग्रहरि मेडिकल स्टोर पर निरीक्षण करने पहुंचे तो पता चला कि दुकान का बिक्री लाइसेंस 16 जून से सस्पेंड है। लाइसेंस सस्पेंड होने के कारण प्रतिष्ठान से दवा की खरीद व बिक्री नहीं की जा सकती। जांच के दौरान उन्होंने व्यापारी पर प्रपत्र छीनने व अभद्रता करने का आरोप भी लगाया। बताया कि मामले की सूचना डीएम को देने के साथ ही संबंधित के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया जाएगा।
अनिश्चित काल दुकानें बंद करने की दी चेतावनी
दवा व्यापारियों ने ड्रग इंस्पेक्टर और कार्यालय की कार्यशैली के विरोध में बुधवार को शहर स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर बैठक की। बैठक में मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष अजय अग्रहरि ने कहा कि अगर औषधि विभाग के कर्मियों ने जांच के नाम पर अपनाई जाने वाली उत्पीड़न की कार्यशैली को नहीं रोका तो जिले के सभी दवा कारोबारी अनिश्चितकालीन समय तक दुकानें बंद कर दवा बिक्री बंद करने को विवश होंगे।
दुकानें बंद रहने मरीज हुए परेशान
हंगामे के कारण दोपहर बाद से कुछ घंटे के लिए बंद हुई दवा दुकानों के कारण मरीजों व तीमारदारों को दवा खरीदने के लिए परेशानी उठाना पड़ी। इस दौरान अधिकांश मरीज पर्चा लेकर दवा दुकानों की तलाश में भटक कर परेशान भी हुए। शाम को दुकानें पुन: खुलने के बाद ही मरीजों की परेशानी खत्म हुई।