अमेठी। भूमि विवाद में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला करने के 13 साल पुराने मामले में एडीजे चतुर्थ श्याम मोहन जायसवाल की अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाई। अदालत ने दो दिन पहले दोषी ठहराए गए जगेसर को दो वर्ष के कठोर कारावास और 14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं उनके चचेरे भतीजे ध्रुवराज और राजबहादुर को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक पर 47-47 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने कुल 1.08 लाख रुपये के अर्थदंड में से 80 प्रतिशत राशि पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार मुसाफिरखाना के पूरे भगवानदीन विसारा पश्चिम निवासी साधू सरन ने 26 अप्रैल 2013 की घटना को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह शाम करीब आठ बजे गांव की दुकान से चाय पीकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के जगेसर, उनके चचेरे भतीजे ध्रुवराज और राजबहादुर समेत अन्य लोगों ने भूमि विवाद को लेकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गए। मामले में पुलिस ने जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने साक्ष्य और गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बुधवार को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जगेसर को दो वर्ष तथा ध्रुवराज और राजबहादुर को पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई।