अमेठी सिटी। नए साल में जिले के दो सरकारी स्कूल संसाधनों के लिहाज से निजी स्कूलों को मात देते नजर आएंगे। सरकार ने मंडल स्तर पर अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना के बाद अब जिले में मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय एवं मुख्यमंत्री माॅडल कंपोजिट विद्यालय खोलने पर अपनी मुहर लगाई है। इसके लिए जिले के दो स्कूलों का चयन कर उन्हें उच्चीकृत किया जाएगा। दोनों स्कूलों में बच्चों को आधुनिक स्मार्ट क्लास, खेल सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
गौरीगंज ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय धनीजलालपुर मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय और भेटुआ ब्लॉक का उच्च प्राथमिक विद्यालय भेटुआ मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के रूप में उच्चीकृत होगा। उच्चीकृत होने के बाद धनीजलालपुर में कक्षा आठ तक, वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय भेटुआ में कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई एक साथ होगी। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने संग उच्चीकरण कार्य के लिए शासन से कार्यदायी संस्था भी नामित हो चुकी है। नामित संस्था के खाते में धनराशि अंतरित की जा चुकी है।
इन स्कूलों को आधुनिक संसाधनों के साथ ही खेलकूद सहित अन्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा। विभाग का मानना है कि परिषदीय स्कूलों में बेहतर सुविधा होने पर लोगों का इस तरफ रुझान बढ़ेगा। इससे ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या शून्य होगी। बच्चों को एक ही परिसर में प्रवेश लेने के बाद इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के लिए स्कूल बदलने की जरूरत नहीं रहेगी।
स्कूलों में होंगी ये सुविधाएं
इस विद्यालय में स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर, ग्रीन बेल्ट के साथ ही पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, रसोईघर की बेहतर व्यवस्था होगी। बच्चों को कंप्यूटर ज्ञान के साथ ही शिक्षकों को स्क्रीन पर शिक्षण कार्य करने की सुविधा मिलेगी। इससे बच्चों का बौद्धिक विकास होगा, वहीं अन्य गतिविधियों से उनके शारीरिक विकास में भी मदद मिलेगी।
ये मानक पूरे होने पर हुआ चयन
विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक कक्ष के साथ न्यूनतम आठ कक्ष पहले से निर्मित हैं। विद्यालय पहले से ही 19 मूलभूत सुविधाओं से लैस हैं। इसमें बालक-बालिकाओं के लिए पृथक प्रसाधन, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की सुविधा, क्रियाशील विद्युत कनेक्शन, दिव्यांग छात्रों के लिए निर्बाध पहुंच, रसोईघर, कक्षाओं व शौचालयों का टाइलीकरण, सुरक्षित चहारदीवारी तथा बेहतर मुख्यद्वार शामिल हैं। साथ ही न्यूनतम नामांकन संख्या 200 से ऊपर है।
बेहतर होगा शिक्षण कार्य
मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय व मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के रूप में पहले चरण में एक-एक स्कूल शामिल किए गए हैं। दोनों स्कूलों को उच्चीकृत कर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इससे शिक्षण कार्य बेहतर होगा। इसका लाभ आसपास के बच्चों को मिलेगा।
-संजय कुमार तिवारी, बीएसए