गौरीगंज (अमेठी)। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में दो और डॉक्टर की तैनाती की गई। जबकि एक फिजीशियन का तबादला निरस्त कर दिया गया है। इससे मरीजों को हो रही परेशानी से निजात मिलेगा। असैदापुर स्थित मलिक मोहम्मद संयुक्त जिला अस्पताल में संचालन से ही सृजित पद के सापेक्ष चिकित्सकों की तैनाती न होने से लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बीते दिनों सर्जन डॉ. सीताराम कनौजिया, डॉ. नीरज वर्मा, डॉ. शुभम पांडेय का ट्रांसफर हो गया तो आर्थोपेडिक सर्जन ने नौकरी से त्याग पत्र दे दिया। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा। दो फिजीशियन के ट्रांसफर से पूरी जिम्मेदारी डॉ. अमित यादव पर आ गई।
मरीजों को हो रही असुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की मांग पर शासन ने डॉ. शुभम पांडेय का निरस्त कर दिया है। सुल्तानपुर में कार्यरत बाल रोग विशषेज्ञ डॉ. आरके दास की तैनाती करते हुए बाजारशुुकुल में कार्यरत आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजीव शुक्ल को जिला अस्पताल में पोस्ट करने का आदेश जारी किया गया है।
इनसेट
एक फिजिशियन के भरोसे जिले में संचालित ओपीडी
जिला अस्पताल में शनिवार को चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फिजिशियन डॉ. अमित यादव, हड्डी रोग विशेष डॉ. हनुमान प्रसाद, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमुद सिंह व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीवी सिंह मरीजों का उपचार करने में जुटे रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उल्ल-जमा के अवकाश होने का बोर्ड गेट पर चस्पा था। मरीजों की भीड़ होने से अस्पताल में मौजूद हड्डी रोग, नेत्र रोग व मनोरोग विशेषज्ञ को भी उपचार में सहयोग करना पड़ा। शनिवार को 568 मरीजों ने ओपीडी में पंजीकरण कराया। जिनमें 126 बुखार, 58 जुकाम व खांसी तथा 49 मरीज पेट दर्द की समस्या से ग्रसित थे। इसके अतिरिक्त 85 मरीज हड्डी रोग ग्रसित तो 56 मरीज नेत्र की पीड़ा तो 48 मरीज मनोरोग बीमारी से ग्रसित थे।
शासन से की गई है डिमांड
जिला अस्पताल में ईएनटी, महिला रोग विशेषज्ञ, हार्ड रोग विशेषज्ञ, किडनी रोग विशेषज्ञ समेत सृजित पद के सापेक्ष तैनाती करने का अनुरोध पत्र शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि शासन स्तर से डॉक्टरों की तैनाती होगी। स्थानीय स्तर पर तैनात डॉक्टरों की मदद से मरीजों का बेहतर उपचार किया जा रहा है।
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस