अमेठी सिटी। मुसाफिरखाना के भीखीपुर निवासी कबाड़ कारोबारी रमन कुमार उर्फ बबलू अग्रहरि का अपहरण कर रंगदारी वसूलने वाले बस्ती जिले के दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया है। वारदात में शामिल उनके पांच सहयोगियों में से दो को अयोध्या पुलिस पहले ही अपहरण के एक अन्य केस में जेल भेज चुकी है। तीन बदमाश अभी पकड़ में नहीं आए हैं।
10 फरवरी को लखनऊ-वाराणासी हाईवे पर मुसाफिरखाना के धरौली मोड़ के पास कार सवार बदमाशों ने कबाड़ कारोबारी का अपहरण कर लिया था। उसी दिन कारोबारी से 7.90 लाख रुपये वसूलने के बाद उसे अयोध्या के चमनगंज में छोड़ दिया गया था। कारोबारी ने अपहरण और 10 लाख रुपये फिरौती वसूली का मामला बताकर तीन कबाड़ कारोबारियों पर केस दर्ज कराया था, जो जांच में बेकसूर मिले हैं।
एसपी सरवणन टी. ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि अपहरण और रंगदारी वसूली में बस्ती जिले के छावनी थाना के नगरा पूरे बदली निवासी अनुज प्रताप सिंह, कलानी कला के घनश्याम पांडेय, परशुरामपुर थाना के जीतीपुर निवासी सौरभ पांडेय और रामकुमार यादव, गोंडा जिले के कोतवाली नगर के कांशीराम कॉलोनी निवासी इस्लाम, मुसाफिरखाना के पिंडारा महराज गांव निवासी महेश सिंह व पूरे हंसा भीखीपुर गांव निवासी शुभम यादव के नाम सामने आए हैं।
महेश और शुभम पीड़ित कारोबारी के गांव के पास ही रहते हैं। इन दोनों ने वारदात वाले दिन कारोबारी की रेकी की थी। अनुज, घनश्याम, सौरभ, राजकुमार और इस्लाम कार से धरौली मोड़ के पास खड़े थे। इन पांचों ने कारोबारी का अपहरण किया था। कारोबारी की बोलेरो महेश और शुभम लेकर निकल गए थे। इनमें से अनुज और घनश्याम को मुसाफिरखाना में नहर पटरी मार्ग पर रविवार रात पकड़ लिया गया। शुभम, राजकुमार और इस्लाम की तलाश की जा रही है।