जायस कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
जायस। कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को प्रवाचक हरिनारायण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को सेवा, समर्पण और निष्काम कर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चा सुख केवल अपने लिए जीने से नहीं, बल्कि दूसरों के काम आने से मिलता है। मनुष्य को अपने आचरण में विनम्रता रखते हुए जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। सेवा व समर्पण से जीवन में सच्चा सुख मिलता है।
प्रवाचक ने कथा प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा का भाव व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है। जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय विश्वास और संयम के साथ उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर रामसजीवन, राजेश वर्मा, मनोज तिवारी, दीपक गुप्ता आदि मौजूद रहे।