तिलोई स्थित राजा विश्वनाथ शरण सिंह इंटर कॉलेज के प्रांगण श्री राम कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आ
तिलाेई। आरबीएस इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन प्रवाचक आचार्य शांतनु महाराज ने केवट प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में कोई स्वार्थ नहीं होता है। भगवान से जुड़ने के लिए मन को सरल और साफ रखना चाहिए। सेवा और समर्पण का भाव ही भक्त को प्रभु के करीब ले जाता है।
प्रवाचक ने कहा कि केवट ने भगवान श्रीराम को गंगा पार कराने के बदले कोई धन या दूसरी वस्तु नहीं मांगी। उसने प्रभु के चरण पखारने की इच्छा जताई और उन्हें गंगा पार कराया। भगवान श्रीराम ने उतराई देनी चाही तो केवट ने लेने से मना कर दिया। उसने कहा कि जब प्रभु लौटकर आएंगे, तब जो देना चाहें दे दें।
उन्होंने कहा कि केवट का यह भाव सिखाता है कि सच्ची सेवा किसी लाभ की उम्मीद से नहीं की जाती। जो भक्त भगवान से कुछ नहीं मांगता, भगवान उसके प्रेम और समर्पण को सबसे अधिक महत्व देते हैं। कहा कि परिवार में अच्छे संस्कार और त्याग की भावना हो तो समाज भी मजबूत बनता है।
राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर रायबरेली की सदर विधायक अदिति सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुल्तानपुर के प्रतिनिधि शिव कुमार सिंह, मृगांकेश्वर शरण सिंह, उत्कर्ष शरण सिंह, मुन्ना सिंह, हिमांशु सिंह, रमेश सिंह और अखंड प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।