गौरीगंज (अमेठी)। जिला मुख्यालय की नगर पालिका दूसरी बार निकाय चुनाव में हिस्सा लेने जा रही है। आठ साल पुरानी इस नगर पालिका में तीन वर्ष तक प्रशासक व पांच वर्ष तक अध्यक्ष की भूमिका में रहने वाले शहर को अतिक्रमण मुक्त नहीं बना सके। सड़कों पर जाम की समस्या बनी रहती है।
नगर पालिका, गौरीगंज के बीच से होकर बांटा-टांडा राजमार्ग निकला है। इससे वाहनों का आवागमन लगातार होता रहता है। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से दुकानों पर सामान की खरीदारी करने पहुंचने वाले लोग सड़क पर वाहनों को खड़ा कर देते है। धीरे-धीरे सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों की कतार लग जाती है।
यह नजारा जिला मुख्यालय पर फलमंडी, मुसाफिरखाना तिराहा, हनुमान तिराहा, जीजीआईसी मोड़, सैंठा चौराहा व डाकघर आदि स्थानों पर देखने को अक्सर मिलता है। आधी सड़क तक वाहन खड़े होने से शहर में अक्सर जाम की समस्या रहती है।
चौक बाजार में सड़क के दोनों ओर दुकानें लगी रहती हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मतदाताओं को मूलभूत सुविधाओं से लैस करने का वादा करने वाले लोग पांच साल में अतिक्रमण मुक्त शहर नहीं बना सके। इस बार निकाय चुनाव में मतदाता पार्किंग व अतिक्रमण मुक्त शहर बनाने का मुद्दा उठा रहे हैं। मतदाताओं का मानना है कि मुख्यालय की प्रमुख दुकानें या तो टांडा-बांदा हाइवे पर या फिर चौक में हैं। ऐसे में पैदल खरीददारी करने जाने वाले लोगों को घंटों लग जाते हैं।
चुनाव के बाद पार्किंग व्यवस्था पर होगी कार्रवाई
नगर पालिका अध्यक्ष व सभासद पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया गतिमान है। अध्यक्ष व सभासद का निर्वाचन होने के बाद बोर्ड की बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर चर्चा की जाएगी।
अवनीश कुमार शुक्ल, ईओ-गौरीगंज