अमेठी सिटी। पुलिस विभाग भले ही वैज्ञानिक ढंग से पुलिसिंग का दावा कर रहा हो, लेकिन पुलिस पहले दिन अच्छा, तो सालभर अच्छा होने का टोटका अपनाती हुई दिखाई दी। नए साल की शुरुआत पुलिस ने गुडवर्क से की है। विभाग में माना जाता है कि नए वर्ष में अपराध रजिस्टर की शुरुआत अगर संगीन मुकदमे से होती है, तो अपराध की बाढ़ आ सकती है। इसलिए पहले दिन अधिकांश थानों में गुडवर्क से जुडे केस दर्ज हुए तो कई थानों में एक भी केस दर्ज नहीं हुआ।
यहां दर्ज हुए केस
पहले दिन आबकारी अधिनियम के तहत फुरसतगंज, मोहनगंज, गौरीगंज, इन्हौना और रामगंज थाने में पहला केस दर्ज हुआ। जगदीशपुर व कमरौली में गैगस्टर एक्ट का केस दर्ज हुआ। जगदीशपुर में गैगस्टर के अतिरिक्त आर्म्स एक्ट तो कमरौली में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ। बाजारशुकुल व मुसाफिरखाना में भी एनडीपीएस एक्ट का पहला केस दर्ज हुआ। जायस व भाले सुल्तान शहीद स्मारक में आर्म्स एक्ट में केस दर्ज हुआ है।
पहला दिन अपराध मुक्त दिखाने की कोशिश
एक तरफ जहां अधिकांश थानों में गुडवर्क से जुडे केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया। वहीं कुछ थाना प्रभारी साल के पहले दिन को अपराध मुक्त दिखाने की कोशिश में लगे रहे। बुधवार देर शाम तक पीपरपुर, संग्रामपुर, अमेठी, जामो, मुंशीगंज, शिवरतनगंज और महिला थाने में देर शाम तक एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है।
एसपी से शिकायत करने पहुंचे दो फरियादी
आम दिनों में एसपी व एएसपी को अपनी पीड़ा सुनाने वालों की भीड़ लगती है। लेकिन साल के पहले दिन महज दो लोग ही एसपी के पास फरियाद लेकर पहुंचे। पूरे दिन गुलजार रहने वाला एसपी कार्यालय पहले दिन सन्नाटे में रहा।
ऐसा कोई नियम नहीं
एएसपी हरेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है। साल के पहले दिन जो घटना हो उसे ही दर्ज किया जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि शुभ से शुरू हुए काम का अंत शुभ होता है। इसके चलते आमतौर पर गुडवर्क दर्ज करने की परंपरा है।