गौरीगंज (अमेठी)। बारिश के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़ने से आम जन परेशान हैं। उनकी थाली से सब्जियां गायब होती जा रहीं हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी गृहिणियों को हो रही है।
बीते कुछ दिनाें से बढ़ रहे सब्जियों के दाम से रसोई का बजट बिगड़ गया है। कीमत बढ़ने से लोगों को रसोई पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। सब्जियों के बढ़ते दाम से हर वर्ग परेशान है। सामान्य परिवार को एक हफ्ते की सब्जी पर तीन से चार सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं तो सामान्य दिनों में 30 से 40 रुपये में बिकने वाला टमाटर 180 रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे ही अदरक, करेला, खीरा, धनिया सहित अन्य सब्जियों का भी हाल है। वहीं खाद्य पदार्थों में दाल व सरसों के तेल पर भी महंगाई सिर चढ़कर बोल रही है।
15 दिनों में सब्जियों का बाजार भाव एक नजर में
सब्जी का नाम बाजार भाव पहले बाजार भाव अब
टमाटर 150 180
खीरा 30 40
अरुई 50 60
लौकी 30 40
करेला 30 40
कद्दू 25 30
पत्ता गोभी 45 50
अदरख 230 240
धनिया 180 200
नोट : प्रतिकिलो रुपये में मूल्य है।
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दाल व तेल के भाव पर एक नजर
खाद्य पदार्थ पहले अब
अरहर दाल 130 140
चना दाल 70 75
उड़द दाल 90 100
मटर दाल 55 60
आटा 28 30
नोट : प्रतिकिलो रुपये में मूल्य है।
सरकार महंगाई रोकने को उठाए कदम
गृहस्थी चलाना मुश्किल
सब्जियों के दाम बढ़ने से गृहस्थी चला पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि बढ़ते सब्जियों के दामों पर नियंत्रण करे। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। - छाया सिंह
टमाटर के दाम पर लगे अंकुश
टमाटर खरीदना अब बस की बात नहीं है। लगातार टमाटर के दाम बढ़ने से यह थाली से पूरी तरह से दूर हो गया है। सरकार को चाहिए कि टमाटर के बढ़ते भाव पर थोड़ा अंकुश लगाए। जिससे गृहस्थी चलाने में दिक्कत न हो। - माधुरी
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बढ़ गई परेशानी
महंगाई पर नियंत्रण करना बहुत ही जरूरी है। सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगाें की गृहस्थी पर असर पड़ रहा है। वहीं दाल व तेल के दाम बढ़ने से दिक्कत और भी बढ़ गई है। - शांति
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बढ़ गया बोझ
सब्जी व खाद्य पदार्थों की बढ़ोतरी से अब गृहस्थी पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है। जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है। अगर ऐसे ही हाल रहा तो आने वाले दिनों में घर चला पाना मुश्किल हो जाएगा।
गीता देवी