झूठी लग रही घायलों की जुबानी
अस्पताल में घायल अर्जुन के अनुसार वे लोग वहां क्रिकेट खेल रहे थे। उन लोगो ने अलाव तापने के लिए वहां पड़ेे पुआल व झाड़-झंखार को एकत्र कर जलाया तो उसमें विस्फोट हो गया जिसमें वे लोग घायल हो गए। घटना स्थल पर दूर-दूर तक कहीं पुआल नहीं था। इससे लगता है कि यह लोग आबादी से दूर एकांत में बम बनाने का काम कर रहे थे। जहां कुछ असवाधानी होने पर विस्फोट हो गया।
जांच में लगाई लगी एसओजी व फायर सर्विस की टीम
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने स्थानीय थाने के साथ ही एसओजी व फासर सर्विस टीम को लगाया है। मौके पर पहुंची फारेंसिक टीम ने बरामद बारूद आदि का नमूना एकत्र करते हुए फ्रिंगर प्रिंट संकलित कर रही है।
हिरासत में लिए गए दो संदिग्ध
एसपी डॉ. इलामारन जी. ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। मौके पर छह लोगों के होने की जानकारी मिल रही है। उसमें से दो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विस्फोट इतना तगड़ा था कि मौके पर दो फीट चौड़ा व एक फीट गहरा गड्ढा हो गया था। स्थानीय पुलिस, एसओजी, फायर सर्विस व फोरेंसिक टीम सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। जल्द ही प्रकरण का अनावरण कर दिया जाएगा।
घटना की कहानी, लोगों की जुबानी
विस्फोट होने के बाद आसपास के कई लोग भी मौके पर पहुंचे। इनमें से कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने के अनुरोध के साथ बताया कि घटना में झुलसे युवक आए दिन वहां एकत्र होते थे। काफी देर तक मौजूद रहा करते थे। आबादी से दूर सीवान बीच एकांत में होने के चलते वहां तक कोई जाता भी नहीं था। लोगों के अनुसार कस्बे से सटे इस स्थान पर प्रति दिन यह युवक विस्फोटक बनाने का काम करते थे। गौरीगंज पुलिस इस सबसे अंजान बनी रही। गनीमत रही कि यह लोग विस्फोटक बनाने का काम आबादी के बीच नहीं करते थे। सवाल उठता है यदि यह
लोग नियमित विस्फोट बनाते थे तो तैयार विस्फोटक की आपूर्ति कहां करते थे। ऐसे में तो गौरीगंज पुलिस पूरी तरह से फेल नजर आ रही है।