अमेठी सिटी। मरम्मत के नाम पर मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन की ओर से हुई बिजली कटौती ने लोगों को दोपहर तक खूब परेशान किया। कटौती चार घंटे की तय थी, लेकिन करीब सात घंटे तक लोगों को बिजली नहीं मिली। कई इलाकों में यह समय और अधिक बढ़ गया। बिजली आपूर्ति नहीं होने से करीब तीन लाख की आबादी सुबह से दोपहर तक परेशान रही। इस दौरान लोगों को पानी तक की किल्लत झेलनी पड़ी।
पावर कॉर्पोरेशन के तमाम प्रयासों के बाद भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को जिले के विद्युत उपकेंद्र गौरीगंज, पीठीपुर, अमेठी, एचएएल, जामो, गौरीगंज ग्रामीण, बरनाटीकर, बेनीपुर, खेरौना, मलिक मोहम्मद जायसी अस्पताल, कौहार, जगदीशपुर आदि उपकेंद्रों पर सुबह छह बजे बिजली कटौती कर दी गई। जब लोग सुबह उठे तो बिजली नहीं होने से पानी के लिए परेशान होना पड़ा।
शहरी क्षेत्र में लोगों को पानी के लिए जनरेटर आदि की व्यवस्था करनी पड़ी। पानी नहीं मिल पाने के कारण सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों को समय से निकलने में दिक्कत हुई। विभाग ने कटौती का समय सुबह छह से 10 बजे तक निर्धारित किया था, लेकिन कई उपकेंद्रों पर मरम्मत के बाद आए फाॅल्ट से करीब सात घंटे तक बिजली गुल रही। कई क्षेत्रों में दोपहर बाद तक बिजली कटौती रही। इससे लोगों को परेशानी हुई। अधिशासी अभियंता प्रभारी रोहित सिंह ने बताया कि मरम्मत की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित रही।
हैंडपंपों से पानी भर चलाया काम, कारोबार भी रहा ठप
जिला अस्पताल में विद्युत कटौती के चलते मरीजों, तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह छह बजे से हुई विद्युत कटौती के कारण टंकियों में पानी नहीं भरा था। ऐसे में प्रसाधन व अन्य के लिए लोग परेशान रहे। जनरेटर चलने के बाद जब मोटर चली तो टंकी भरने के बाद राहत मिली। तहसील रोड वार्ड नं 21 के निवासी संतोष कुमार का कहना है कि सुबह से बिजली न होने से पानी हैंडपंप से भरकर लाना पड़ा है। बरनाटीकर गांव के सर्वेश सिंह का कहना है कि ढाई हजार की आबादी वाले गांव में लोग सप्लाई वाला पानी पीते हैं। बिजली न होने से लोग पानी के लिए तरसते नजर आए। पूरे दीन बंधु मजरे कपूरपुर निवासी व्यवसायी चंद्रशेखर ने कहा कि बिजली कटौती से व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गया। जिसमें आटा चक्की, सरसों आयल, मैदा चक्की, दोना पत्तल का काम ठप रहा।