जगदीशपुर/शाहगढ़ (अमेठी)। जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक, जगदीशपुर और मुंशीगंज इलाके में बीते चौबीस घंटों के दौरान आग लगने की तीन घटनाओं में तीन लोग झुलस गए। जबकि छह मवेशियों की झुलस कर मौत हो गई। इन घटनाओं में दो बीने गेहूं की फसल, कई छप्पर घर व लाखों की संपत्ति भी जलकर राख हो गई। स्थानीय लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाया।
जगदीशपुर के शहीद स्मारक भाले सुल्तान थाना क्षेत्र के पूरे जोखन मजरे कंजास गांव में सोमवार की रात शेषनारायण उर्फ बबलू व जगत नारायण उर्फ पप्पू के दरवाजे पर रखे छप्पर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। छप्पर के नीचे तीन भैंस, दो पड़िया, एक गाय, बछिया बंधे थे। आग लगने पर दोनों लोग मवेशियों व गृहस्थी बचाने के चक्कर झुलस गए। भूसा, साइकिल, रिक्शा आदि गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया। इस दौरान एक गोवंश की मौत हो गई।
एसपी अनूप कुमार सिंह व सीओ मुसाफिरखाना राहुल सिंह ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में गोवंश को जेसीबी से गढ्ढा खुदवाकर दफन करवा दिया। एसओ राजकुमार ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है।
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रनकापुर के पास लुढियावा निवासी सुल्तान बेग के खेत से गुजरे बिजली के तारों में बुधवार दोपहर शार्ट सर्किट की निकली चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गई। दो बीघा गेंहू जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया था। शाहगढ़ विकास खंड के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के चंदौकी गांव में बुधवार दोपहर हरि सरोज अपनी पत्नी के साथ सरसों की फसल लेने गया था। घर में बुजुर्ग पिता राम बहादुर (70) और दो बच्चे तीन वर्षीय अदिति व दो वर्षीय परिद्धि मौजूद थे।
दोपहर को अज्ञात कारणों से घर में आग लग गई। आग की लपटें देखकर बुजुर्ग राम बहादुर ने गुहार लगाई। साथ ही दोनों बच्चों व 12 बकरी व उनके बच्चों को बचाने में जुट गए। इस बीच वह बुरी तरह झुलस गए। परिवार के दोनों बच्चे व कई बकरियों को बचा लिया, लेकिन बकरी के पांच बच्चों की झुलस कर मौत हो गई। गृहस्थी का हजारों का सामान भी जलकर नष्ट हो गया। आग की चपेट में आने से पड़ोसी विक्रमा सरोज व श्रीराम का छप्पर भी जल गया। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग से झुलसे बुजुर्ग को इलाज के लिए नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उनकी हालत ठीक हैं।