.अमेठी शहर में ईद की नमाज के बाद गले मिल एक-दूसरे को बधाई देते लोग। संवाद
अमेठी सिटी। सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक पर्व ईद-उल-फितर शनिवार को जिलेभर में अकीदत के साथ मनाया गया। ईदगाहों और मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद मुबारक कहा और आपसी प्रेम का संदेश दिया। गौरीगंज, अमेठी, जायस और जगदीशपुर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली।
अमेठी के जामा मस्जिद, रजा मस्जिद और ईदगाह समेत 101 मस्जिदों और 117 ईदगाहों में नमाज अदा की गई। जायस, गौरीगंज, सेमरौता, इन्हौना, रामगंज और लालीपुर सहित कई कस्बों व गांवों में बड़ी संख्या में लोग नमाज में शामिल हुए। सुबह से ही घरों में त्योहार की रौनक रही। लोग नए कपड़े पहनकर ईदगाहों की ओर रवाना हुए। नमाज के दौरान एक साथ सजदे में झुके हजारों सिर और दुआ के लिए उठे हाथों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
नमाज के बाद ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर गले मिलने और बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। ईद की खुशी बच्चों में खासतौर पर नजर आई। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चे ईदगाहों और घरों के बाहर चहलकदमी करते दिखे। बड़ों से ईदी पाने की खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। घरों में सेवइयां, शीर खुरमा और अन्य पकवान तैयार किए गए। दिनभर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। इस मौके पर सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी देखने को मिली।
विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर बधाई देते नजर आए। कई स्थानों पर लोगों ने साथ बैठकर मिठाइयां साझा कीं, जिससे आपसी भाईचारा और मजबूत हुआ।