गौरीगंज (अमेठी)। सुल्तानपुर जिले के धम्मौर कस्बे में स्थानीय पुलिस की दबिश के दौरान एक टप्पेबाज गिरफ्त से बचने के लिए दूसरी मंजिल से नीचे कूद गया। छत से कूदे टप्पेबाज की निशानदेही पर टप्पेबाजी के 49,500 रुपया बरामद करने के बाद पुलिस उसे लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंची। जहां घंटे भर चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गयी। परिवारीजन पुलिस पर दबिश के दौरान आरोपी की पिटाई करने व छत से धक्का देने का आरोप लगाकर हंगामा भी काटा। इसके चलते ही देर शाम तक शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका।
शहर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में गुरुवार दोपहर बाद दुलापुर कला की रहने वाली राजपती द्वारा निकाली गयी 50 हजार की धनराशि एक टप्पेबाज ने उड़ा ली थी। सीसीटीवी फुटेज से टप्पेबाज की पहचान दिनेश मिश्र (45) निवासी थाना व कस्बा धम्मौर जिला सुल्तानपुर के रूप में हुई। दिनेश की पहचान के बाद कैशियर अमन की तहरीर पर गौरीगंज थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी में जुट गयी।
पुलिस की गठित टीम आधी रात के बाद धम्मौर पहुंची और क्षेत्रीय पुलिस के सहयोग से उसने देर रात ढाई बजे आरोपी टप्पेबाज के मकान पर दबिश दी। इस दौरान पुलिस से बचने के लिए आरोपी दिनेश दूसरी मंजिल की ओर भागा। आरोप है कि जब पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा किया तो बचने के लिए उसने रेलिंग विहीन छत से अचानक नीचे छलांग लगा दी।
दिनेश के नीचे कूद जाने के बाद पुलिस उसे लेकर घर मेें आयी और उसकी निशानदेही पर आलमारी में रखी टप्पेबाजी से उड़ायी 49,500 रुपया की धनराशि भी बरामद कर ली। इसके बाद पुलिस उसे वाहन में बैठाकर भोर में सवा तीन बजे जिला अस्पताल गौरीगंज लेकर पहुंची। जहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। आरोपी की मौत से मौजूद पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन मामले की सूचना विभाग के बड़े अफसरों को दी गई। दिनेश की मौत की जानकारी के बाद पत्नी अनीता मिश्रा भी अपने एक पुत्र व जेठ अवधेश मिश्र के साथ अस्पताल पहुंचीं।
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिनेश के बड़े भाई का कहना था कि पुलिस ने दबिश के दौरान दिनेश की पिटाई करने के साथ ही आलमारी में रखे एक लाख रुपया नकद, ढाई लाख रुपया के आभूषण व उसकी बाइक भी अपने कब्जे में ले ली थी। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने छत पर छिपे दिनेश को छत से नीचे धकेल दिया। परिवारजनों की नाराजगी और दबिश में शामिल पुलिस टीम पर केस दर्ज किए जाने की मांग को लेकर देर शाम तक चले हंगामे के कारण शव का पोस्टमॉर्टम तक नहीं कराया जा सका।
एसपी ने कहा सभी आरोप निराधार
एसपी डॉ. इलामरन जी. ने मृतक के परिवारजनों की तरफ से पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया हैं। उनका कहना था कि पुलिस दबिश के दौरान टप्पेबाज खुद बचने की कोशिश मे छत से नीचे कूदा था। जहां से पुलिस कर्मी उसे उठाकर इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए। इसी दौरान टप्पेबाज की निशानदेही पर बैंक से हड़पी गयी 49,500 रुपया की धनराशि भी उसके घर की आलमारी से बरामद हुई।
उसके शरीर पर किसी भी बाहरी चोट का कोई निशान नहीं था, इसी लिए पुलिस उसे हिरासत में लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। इसके बावजूद परिवारीजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। टप्पेबाज को पकड़ने गयी पुलिस टीम में गौरीगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजकुमार यादव, हेड कांस्टेबल विमल यादव व हामिद अली तथा सिपाही विवेक चौहान व धीरज चाहर शामिल थे।