अमेठी सिटी। प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र में सड़क हादसे का शिकार हुए अमेठी के संग्रामपुर इलाके के दंपती के घर मातम पसरा है। सोमवार को उनके शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। दंपती की मौत के बाद उनके दो मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
संग्रामपुर थाना क्षेत्र के बड़गांव के रहने वाले आशीष सोनी उर्फ राजू (35) पत्नी ज्योति के साथ रविवार को बाइक से प्रतापगढ़ जनपद अपनी ससुराल गए थे। वहां से दोनों लोग देर रात लौट रहे थे। इस बीच प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के बाबूगंज बाजार के पास पिकअप ने दंपती की बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इनको सडंवाचंद्रिका सीएचसी में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।
हादसे की जानकारी होने पर परिजन व रिश्तेदार प्रतापगढ़ पहुंचे। सोमवार को पति-पत्नी के शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव लाए गए। देर शाम शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। मृतक के रिश्तेदार शुभम सोनी का कहना है कि आशीष पत्नी ज्योति के साथ प्रतापगढ़ शहर ससुराल गए थे। वहां से लौटते समय हादसा हो गया था, जिसमें दोनों की जान चली गई। मृतक दंपती के पड़ोसी मनोज पाठक ने बताया कि आशीष सोनी सराफा का कारोबार करते थे। वह परिवार के साथ अमेठी कस्बे में किराए के मकान में रहते थे। वहीं कारोबार व बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराते थे।
...अब मासूम बच्चों की कौन करेगा परवरिश
आशीष सोनी के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। आशीष व ज्योति की मौत के बाद अब इनके बच्चों 10 साल की तनवी व पांच साल के शिवांश के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। अब बड़ा सवाल यह है कि इन मासूम बच्चों की परवरिश कौन करेगा। जब ग्रामीण व रिश्तेदार घर पहुंचे और 10 साल की तनवी को माता-पिता की मौत की खबर मिली तो वह फूट-फूट कर रोने लगी। दोनों बच्चों को रोता देख हर किसी की आंख नम हो गई। आशीष की बहन शांति व मीरा पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। रोते हुए शांति कहती कि भैया व भाभी से ही उनका मायका था, माता-पिता की मौत पहले हो चुकी है। अब कौन उन्हें बहन कहकर बुलाएगा। कौन उनके सुख-दुख में शामिल होगा।