अमेठी सिटी। जल जीवन मिशन के लिए कार्य कर रही निजी कंपनी ने 87 लाख से ज्यादा की चोरी के नौ माह बाद थाने में केस दर्ज कराया है। देरी से प्राथमिकी के मामले में निजी कंपनी का कहना है कि चोरी का पता देर से चला, वहीं पहले नियुक्त अधिकारी बदलने के बाद इसमें एक्शन लिया गया।
जल जीवन मिशन का कार्य जिले में जल निगम के नेतृत्व में कराया जा रहा है। जहां करीब 200 गांवों में कार्य पूरा हो गया है। वहीं, 487 परियोजनाओं पर अब भी कार्य चल रहा है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता विक्रम प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में निर्माण कार्य तीन कंपनियों के माध्यम से कराया जा रहा है। वहीं एक कंपनी की ओर से 87 लाख रुपये कीमत की पानी की टोटियों के मुद्दे पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की है। कहा कि निजी कंपनी की ओर से उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं दी गई। वहीं इस मामले में जांच के मुद्दे पर कहा कि यह कंपनी का आंतरिक मामला है। इससे जल जीवन मिशन के कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
वहीं निजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कृष्णा शुक्ला ने कहा कि गायब सामान की जानकारी ऑडिट होने के बाद सामने आई। देरी से प्राथमिकी के मुद्दे पर कहा कि उनसे पहले अन्य अधिकारी कार्य संभाल रहे थे। सामान गायब होने से प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है। विधिक कार्रवाई के लिए इसमें प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।