जामों (अमेठी)। जीवात्मा व परमात्मा का मिलन ही महारास है। यह बात ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत संभई के रामशाहपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन अयोध्या धाम से आए प्रवाचक डाॅ. महीधर शुक्ल महाराज ने कही।
प्रवाचक ने बताया कि भगवान विष्णु ही श्रीकृष्ण हैं। देवी रुक्मिणी भी लक्ष्मी के रूप में अवतरित हुई हैं। प्रवाचक ने महारास में पांचों अध्याय का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि जो मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण के पांचों गीतों को पूरे मनोभाव से गाता है, उसे इस भवसागर से मुक्ति मिल जाती है। भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला में जीवात्मा का परमात्मा से मिलन हुआ। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। इस दौरान यजमान प्रभावती तिवारी, पीके तिवारी, लालजी तिवारी, मेवालाल, रमाशंकर आदि मौजूद रहे।