अमेठी। लॉकडाउन अवधि में गैर प्रांत में फंसे प्रवासी श्रमिकों को लाने के बाद जिला प्रशासन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन कराने में जुटा है। होम क्वांटीन के दौरान लोगों की निगरानी की जा सके इसके लिए डीएम ने चारों निकाय क्षेत्र के सभी वार्डों में सभासदों की अगुवाई में छह सदस्यीय टीम गठित की है। टीम को होम क्वारंटीन किए गए लोगों की सूची सौंपते हुए निगरानी कर प्रतिदिन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
कोविड-19 संक्रमण रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन अवधि में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे जिले के लोगों को शासन के निर्देश पर स्पेशल ट्रेन से जिले में वापस लाया जा रहा है। गैर प्रांत से जिले में पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को संभावित कोरोना वायरस कैरियर मानते हुए जिला प्रशासन उनकी थर्मल स्क्रीनिंग व डाटा एकत्र करने के बाद उन्हें 21 दिन होम क्वारंटीन कर सुरक्षित करने के साथ संक्रमण फैलने से रोकने की कोशिश करने में जुटा है।
होम क्वारंटीन किए गए लोगों की नियमित निगरानी हो सके तथा वह दूसरों के संपर्क में नहीं आ सके इसके लिए डीएम अरुण कुमार ने नगर पालिका परिषद गौरीगंज व जायस तथा नगर पंचायत अमेठी व मुसाफिरखाना में सभासदों की अगुवाई में आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय निकाय के दो सदस्य, व सफाई कर्मी की संयुक्त वार्डवार निगरानी समिति का गठन किया है।
डीएम ने गठित समिति को होम क्वारंटीन किए गए लोगों की निगरानी के साथ चोरी छिपे वार्ड में पहुंचने वालों की सूचना, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए प्रतिदिन पर्यवेक्षक के माध्यम से रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित करने को कहा है।
डीएम ने टीम को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य नियमों का कड़ाई से पालन कराते हुए वार्ड व नगरीय क्षेत्र को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।