जिला अस्पताल की ओपीडी में कतार में खड़े मरीज।
- फोटो : जिला अस्पताल की ओपीडी में कतार में खड़े मरीज।
अमेठी सिटी। मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ईएनटी विभाग में गले में संक्रमण की समस्या से पीड़ित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। उन्हें ठीक होने में पांच से सात दिन लग रहे हैं।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि दिन में गर्मी और रात में ठंड की वजह से बच्चों और बड़ों में कान व गले में संक्रमण की समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों में टॉसिंल में सूजन, गले में खराश और बुखार जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। वहीं, बड़ों में कान में दर्द की शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं। कुछ मामलों में कान का पर्दा फटने से बहरापन भी हो सकता है। गर्म मौसम में अचानक ठंडा पानी पीना, आइसक्रीम खाना या तेज एसी की हवा में बैठना इन समस्याओं का मुख्य कारण है।
बच्चों में टॉसिंल का संक्रमण सांस नली को भी प्रभावित कर सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। बुजुर्गों और वयस्कों में फंगल संक्रमण से कान बहना और दर्द प्रमुख लक्षण हैं। नाक में अत्यधिक सूखेपन से भी रक्तस्राव की समस्या होती है। ऐसी स्थिति में नाक को दबाकर सिर ऊपर करके लेटने से रक्तस्राव रुक जाता है। बुजुर्गों में अगर रक्तचाप की समस्या रहती है तो उन्हें नियमित रूप से फिजिशियन से जांच करानी चाहिए। सावधानी के साथ दवा का नियमित सेवन करना आवश्यक है।