कमरौली के शिव शक्ति हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में जांच करती स्वस्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम। स
अमेठी सिटी। कमरौली के शिव शक्ति हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर में उपचार के दौरान अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा (37) की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच में प्रथमदृष्टया अस्पताल की लापरवाही के संकेत मिले हैं। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक और आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने के बावजूद गंभीर मरीज को भर्ती करना उचित नहीं था। ऐसे मरीज को तत्काल उच्च केंद्र रेफर किया जाना चाहिए था।
सीएमओ की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू की। समिति में डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. प्रदीप तिवारी और डॉ. शरद चंद्र वर्मा शामिल हैं। टीम ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल के पंजीकरण, मरीज के उपचार संबंधी अभिलेख, भर्ती और रेफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। साथ ही चिकित्सकों और अस्पताल कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए।
सीएमओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मल्टी ऑर्गन फेल होना सामने आया है। प्रथमदृष्टया यह तथ्य सामने आया है कि जब मरीज की प्लेटलेट्स सात हजार से कम थीं और अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञ व संसाधन उपलब्ध नहीं थे, तब उसे भर्ती नहीं किया जाना चाहिए था। जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार देर शाम अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा की उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में प्रदर्शन किया था।