अमेठी। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य में सहयोग न करने से बृहस्पतिवार को तहसील कोर्ट में वादों की सुनवाई नहीं हुई। इससे वादों से जुड़े पक्षकारों को अगली तारीख के साथ मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। अमेठी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि बार के अधिवक्ताओं ने विभिन्न न्यायालयों में भू-मानचित्र, खतौनी और भू-अभिलेखों में गलतियों से जुड़े वादों के अनावश्यक रूप से लंबित रहने पर नाराजगी जताते हुए अपनी मांगों का एक प्रार्थना पत्र एसडीएम को दिया है।
इस मामले के समाधान और निस्तारण के लिए अधिवक्ताओं के बैठक में व्यस्त रहने के कारण अधिवक्तागण न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं कर पाए। अधिवक्ताओं के राजस्व कोर्ट में उपस्थित न होने से तहसील के पांचों कोर्ट में वादों की सुनवाई प्रभावित रही। दूर-दराज से आए फरियादियों को केवल अगली तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। इससे पूर्व बार एसोसिएशन के कार्यालय में हुई बैठक में अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने अधिवक्ताओं की समस्याएं विस्तार से सुनीं।
अधिवक्ताओं ने बताया कि भू-मानचित्र, खतौनी और भू-अभिलेखों में त्रुटियों से जुड़े वादों में आदेश पारित होने के बाद भी रिपोर्ट समय पर नहीं लगाई जा रही है, जिससे वाद लगातार लंबित हो रहे हैं और मुवक्किलों को संतोषजनक उत्तर देना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रशासन से वार्ता कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी। इस मौके पर कैलाश नाथ शुक्ल, राजेश मिश्र, त्रिलोकी नाथ पांडेय, बृजेश, अजीत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।