फुरसतगंज। चकदहिरा मऊ गांव में मजदूर हौसला प्रसाद (40) की मौत के बाद रविवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। परिजन आरोपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे थे। काफी समझाने के बाद देर शाम परिजन शांत हुए और अंतिम संस्कार किया।
चकदहिरा मऊ गांव निवासी हौसला प्रसाद की बकाया मजदूरी मांगने पर पिटाई से लगी चोटों के कारण शनिवार को घर में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों के आक्रोश के चलते पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर रात शव घर पहुंचने पर परिजन मुआवजा और मृतक की तीन बेटियों व एक बेटे के भविष्य की व्यवस्था की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों ने जीवनयापन और बच्चों की शादी के लिए एक बीघा भूमि देने की मांग भी रखी।
जनप्रतिनिधि मोहम्मद मुस्लिम, रजवाड़ी प्रसाद, मोहम्मद रऊफ और फौजी की मौजूदगी में परिजनों से वार्ता हुई। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ते हुए उसकी प्रतिलिपि परिवार को सौंपी और अन्य मांगों पर विचार का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया गया। गांव में देर रात तक पुलिस की मौजूदगी रही।
यह था मामला
चकदहिरा मऊ गांव के मजदूर हौसला प्रसाद (40) को 26 अक्तूबर को बकाया मजदूरी मांगने पर शुभम सिंह ने पीटकर घायल कर दिया था। इलाज के बाद हालत बिगड़ने पर शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों ने हत्या की धारा जोड़ने और आर्थिक सहायता की मांग करते हुए शव घर के सामने रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।