मुसाफिरखाना (अमेठी)। इलाज के दौरान दिवंगत सेना के जवान का पार्थिव शरीर कोलकाता से शनिवार सुबह पैतृक गांव दादरा पहुंचा तो कोहराम मच गया। भारत माता के जयकारे व गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जवान को अंतिम विदाई दी गई। पिता ने जब मुखाग्नि दी तो सभी की आंखें नम हो गईं।
मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के गांव दादरा निवासी रंग बहादुर सिंह के पुत्र विनोद कुमार सिंह (36) भारतीय सेना में वर्ष 2008 में भर्ती हुए थे। परिजनों के अनुसार वर्तमान समय में वह हवलदार पद पर सिलीगुड़ी में तैनात थे। दो माह से वह अस्वस्थ चल रहे थे, जिनका उपचार कोलकाता स्थित कमांड हॉस्पिटल में चल रहा था। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान कमांड हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। शनिवार दोपहर सेना के वाहन से जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। पिता रंग बहादुर ने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान एसडीएम पंकज कुमार मिश्र, सीओ अतुल सिंह और कोतवाल विवेक कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनाें को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सेना के जवान के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दिवंगत के बड़े भाई मनोज कुमार सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। इस घटना से पिता रंग बहादुर, माता प्रेमवती, पत्नी रोली सिंह और बेटे उत्तम (9) व अविरल (7) का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी रोली और माता प्रेमवती रह-रहकर बेहोश हो जा रही थीं। पत्नी, मां व बच्चों को बिलखता देख मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।