अमेठी। मंगलवार को अमेठी रोडवेज बस स्टेशन से एक बस सुल्तानपुर के लिए रवाना कर दी गई। हैरानी की बात तो यह थी कि इस बस में ड्राइविंग सीट के सामने के शीशे गायब थे। ऐसे में किसी तरह से यह बस सवारियों को लेकर सुल्तानपुर पहुंची।
स्थानीय डिपो के बेड़े में 28 बसों का संचालन किया जा रहा है। पुरानी बसों का आलम यह है कि किसी में शीशे नहीं है तो किसी में सीटें ही फटी हैं। अमेठी डिपो की कई बसें खस्ताहाल हैं। इसमें यात्री सफर करने को मजबूर हैं। ये बसें आठ लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। यहां की बसें पुरानी होने के साथ ही दयनीय स्थिति में है। एक चालक ने बताया कि सीट को रस्सी से बांधकर किसी तरह चला रहे हैं।
अचानक टूट गया बस का शीशा
सभी बसें कार्यशाला से फिट होने के बाद निकलती हैं। एक बस का शीशा सुल्तानपुर से आते समय अचानक टूट गया था। उसका शीशा क्षेत्रीय वर्कशॉप सुल्तानपुर में बनेगा।
-महेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, वर्कशॉप, अमेठी।