जामों। पूरे दुनियासिंह मजरे बरौलिया गांव निवासी दो दिन से लापता राम आसरे (59) का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के बाहर खेत के पास स्थित कुएं में मिला। ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। किसान की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुत्रवधू श्रीमता ने बताया कि बुधवार को उनके ससुर राम आसरे खेत की ओर गए थे, लेकिन घर वापस नहीं लौटे। वह होली पर मंगलवार को मायके जायस गई थी। बृहस्पतिवार को ससुर के लापता होने की जानकारी मिलने पर वह मायके से लौट आई और परिजनों के साथ उनकी खोजबीन में जुट गई। शुक्रवार को गांव के बाहर खेत के समीप स्थित कुएं के पास चप्पल पड़ी दिखाई दी। संदेह होने पर जब कुएं में देखा गया तो अंदर ससुर राम आसरे का शव दिखाई दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया। उनकी पहचान राम आसरे के रूप में हुई। इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय होगी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस कुएं में गिरने से राम आसरे की मौत होने की आशंका जता रही है। फिलहाल परिजनों की तरफ से इस मामले में कोई भी प्राथमिकी पुलिस को नहीं दी गई है।
चप्पल बाहर मिलने पर उठे सवाल
राम आसरे की मौत के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कुएं में गिरता है तो आमतौर पर उसकी चप्पल भी साथ ही गिर जाती है। कुएं के बाहर चप्पल मिलने से लोग संदिग्ध हालात में मौत होने का अंदेशा जता रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
बेटी का रो-रोकर बुरा हाल
राम आसरे की मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा है। बहू श्रीमता का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी सुमित्रा भी ससुराल से घर पहुंच गई और पिता की मौत पर बिलख उठी। राम आसरे का इकलौता बेटा चंद्रकेश ओमान में काम करता है। उसे भी घटना की सूचना दे दी गई है। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।