अमेठी। फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि की पत्नी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को अदालत से राहत नहीं मिली। सोमवार को एडीजे द्वितीय राकेश पांडेय की अदालत में उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। वादी पक्ष की आपत्ति के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत पर बहस आठ जनवरी को तय की।
इधर सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत और निगरानी लंबित होने के आधार पर मजिस्ट्रेट कोर्ट में गैर जमानती वारंट और फरार घोषित करने की कार्रवाई रोकने की मांग की गई थी। एसीजेएम मुक्ता त्यागी की अदालत ने मामले की जानकारी होने के बावजूद लंबे समय तक हाजिर न होने पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और पूर्व में जारी गिरफ्तारी आदेश बरकरार रखा। चंद्रमा देवी को नौ जनवरी को तलब किया गया है।
अमेठी कस्बा निवासी परिवादी घनश्याम सोनी उर्फ पप्पू ने 25 जुलाई 2022 को अदालत में याचिका दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि नगर पंचायत से फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर अनुचित लाभ लिया गया। सुनवाई के बाद आठ फरवरी 2024 को अदालत ने आरोपियों को विचारण के लिए तलब किया था। इस आदेश को चुनौती देने पर भी कोई राहत नहीं मिली। फिलहाल चंद्रमा देवी की गिरफ्तारी की कार्रवाई बनी हुई है।