अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नई किताबों के लिए इस बार इंतजार नहीं करना होगा। नया सत्र शुरू होते ही पहले दिन पंजीकृत बच्चों को नई किताबें वितरित की जाएंगी। करीब नौ लाख किताबों की आपूर्ति भी हो चुकी है। बीआरसी गोदामों से स्कूलों को किताबों की आपूर्ति शुक्रवार से शुरू होगी। एक अप्रैल को ही बच्चों को नई पाठ्यपुस्तक वितरित कर शिक्षण कार्य का शुभारंभ होगा।
कक्षा-एक से आठ तक के विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक स्कूल, 197 कंपोजिट स्कूल संचालित किए जाते हैं। नवीन कक्षा में प्रवेश के बाद शैक्षिक सत्र 2024-24 में बच्चों को पुरानी पाठ्य पुस्तक से शिक्षण कार्य नहीं करना पड़ेगा। विभाग की ओर से जारी डिमांड व क्रयादेश पर नामित संस्था की ओर कक्षा-तीन से आठ तक के बच्चों के लिए 13,66, 621 किताबें खरीदने का आदेश दिया गया है।
नामित संस्था ने सोमवार तक बेसिक शिक्षा विभाग को 9 लाख 36 हजार पाठ्य पुस्तक उपलब्ध करा चुकी है। शेष किताबें आ रही हैं। शुक्रवार से नामित आपूर्ति फर्म की ओर से बीआरसी गोदामों से स्कूलों तक किताबों की आपूर्ति की जाएगी। शैक्षिक सत्र के पहले दिन बच्चों को नई पाठ्यपुस्तकों का वितरण होगा।
एनसीईआरटी की किताबें होंगी लागू
नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कार्य में बदलाव लगातार किया जा रहा है। अब सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर पर भी नेशनल काउंसिल ऑफ स्टेट एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की किताबें लागू करने की तैयारी है। अभी तक कक्षा एक व दो के बच्चों को स्टेट काउंसिल ऑफ स्टेट एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। प्राथमिक स्तर पर कक्षा एक व दो के बच्चों को एनसीईआरटी की किताबों से शिक्षण कार्य कराने का उद्देश्य बच्चों को निपुण बनाना है।
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अभिभावकों के खातों में पहुंचेंगे 1200 रुपये
किताबों को छोड़कर ड्रेस आदि के लिए 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। इसकी मदद से विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस, बैग, स्वेटर, स्टेशनरी आदि की खरीदारी करनी होती है।
सत्र के शुरुआत में दी जाएंगी पुस्तकें
जिला स्तर पर किताबों की आपूर्ति होने लगी है, जिन्हें 31 मार्च तक बीआरसी पर पहुंचाना है। जिले में 1570 विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.72 लाख छात्र-छात्राओं को शैक्षिक सत्र की शुरुआत में ही किताबें मिल जाएंगीं। बचीं किताबें भी एक सप्ताह में आने की संभावना है। एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाले शिक्षा सत्र के पहले दिन ही बच्चों को पुस्तकें मुहैया कराई जाएंगी।
संजय कुमार तिवारी-बीएसए