अमेठी सिटी। बारिश और उमस के बीच बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए अभिभावकों को खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लें।
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. लईक उज जमा ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से बच्चों की ओपीडी 200 से अधिक हो गई है। बारिश के कारण संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है, ऐसे में बच्चों के बीमार पड़ने की संभावना भी अधिक रहती है। ज्यादातर सर्दी जुखाम, बुखार के साथ-साथ डायरिया पीड़ित होकर बच्चे आ रहे हैं। खानपान आदि में सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
बच्चों को बारिश में भीगने से बचाएं। मौसम के दौरान, तापमान में भी तेजी से गर्माहट और ठंड का अनुभव होता है। नमी से बचने के लिए बच्चों को आरामदायक सूती कपड़े पहनाएं, लेकिन जब मौसम ठंडा हो जाए तो उन्हें थोड़े मोटे कपड़े पहनाएं। कहा कि बुखार, शारीरिक दर्द, छींक आना और अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। कहा कि मच्छर के काटने से नवजात शिशु को गंभीर परेशानियां हो सकती हैं, जिससे उनके शरीर पर रेडनेस और सूजन भी हो सकती है। ऐसे में बच्चे के मच्छरदानी में रखें, जिससे वे अच्छी और भरपूर नींद सो सकें।