अमेठी सिटी। बड़े उद्योगों के बिजली बिल तीन महीने से अटके हैं। न्यू जेनरेशन बिलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण 100 केवीए से अधिक क्षमता वाले कनेक्शनधारकों के बिल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे हर महीने जुड़ने वाला बिजली खर्च बकाये में बढ़ता जा रहा है। उद्योग संचालकों को आशंका है कि तीन महीने का बिल एक साथ आने पर भुगतान का बड़ा बोझ पड़ेगा। संचालकों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से समस्या दूर कर जल्द बिल उपलब्ध कराने की मांग की है।
जिले में 100 केवीए से अधिक क्षमता वाले 30 से ज्यादा हाई वैल्यू कनेक्शन हैं। इनमें बड़े उद्योग और कारखाने शामिल हैं। इनका मासिक बिजली बिल करीब दो लाख से 3.5 लाख रुपये तक आता है। ऊर्जा निगम ने इन प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए हैं। मीटर की रीडिंग के आधार पर बिल तैयार करने की जिम्मेदारी पोलारिस कंपनी स्मार्ट मीटर बिलिंग सिस्टम को दी गई है।
तकनीकी समस्या के कारण तीन महीने से बिल तैयार नहीं हो सके हैं। थौरी स्थित नंदी आइसक्रीम फैक्टरी के संचालक अमित कुमार सिंह, गौरीगंज की शिव शक्ति एग्रो इंडस्ट्रीज के राहुल कुमार सिंह और संजय ट्रेडिंग के अमन गुप्ता ने बताया कि उनके कनेक्शन 100 केवीए से अधिक क्षमता के हैं। तीन महीने से बिल नहीं मिलने की शिकायत अधिशासी अभियंता गौरीगंज अभिषेक कुमार से की गई है। संचालकों के अनुसार हर महीने करीब दो लाख रुपये का बिल आता है। बिल नहीं मिलने से बकाया लगातार बढ़ रहा है।
अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि उद्योगों के बिजली बिल समय पर तैयार नहीं होने पर फर्म संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। समय पर बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
आरएमएस रीडिंग में भेजे गए बिल
पोलारिस कंपनी स्मार्ट मीटर बिलिंग सिस्टम के एसीएम कुंदन कुमार ने बताया कि तकनीकी दिक्कत के कारण बिल तैयार नहीं हो सके हैं। अब सभी उद्योग संचालकों के बिल आरएमएस रीडिंग में भेजे गए हैं। जल्द ही सभी को बिल उपलब्ध करा दिए जाएंगे।