अमेठी। शहर स्थित सीएचसी में सर्जन की तैनाती के छह माह बाद भी ऑपरेशन संबंधित उपकरण व अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पताल या निजी अस्पताल के लिए रेफर करना पड़ रहा है।
सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाए जाने तथा मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा दिलाए जाने का दावा किया जा रहा है।। लेकिन ये कोशिश धरातल पर नजर नहीं आ रही है। इस सीएचसी को स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गोद लिया है। केंद्रीय मंत्री की ओर से अस्पताल में सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर कवायद शुरू हुई। सांसद की ओर से पहली खेप में कुछ संसाधन व अन्य सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल की ओर से की गई मांग के सापेक्ष दूसरी खेप में अन्य सामग्रियां आनी थीं। लेकिन वह अभी तक नहीं मिल सकीं।
सरकारी अस्पतालों में कहने को तो सभी जांच दवाएं एवं ऑपरेशन आदि की सुविधा उपलब्ध है लेकिन आम बीमारियों को छोड़कर आने वाले मरीजों को जांच व दवाएं बाहर से लेनी पड़ती हैं। इस सीएचसी में प्रतिदिन करीब 400 से 600 तक मरीजों की ओपीडी होती है। सीएचसी में करीब छह माह पूर्व सर्जन चिकित्सक डॉ. देवेश तिवारी की तैनाती हुई है। बीते छह माह में करीब तीन बार ऑपरेशन संबंधी उपकरण व अन्य सामग्री का इंडेंट शासन को भेजा गया है। बावजूद इसके अभी तक उपकरण मुहैया नहीं हो पाए। उपकरण न होने के चलते गरीब मरीजों को सुल्तानपुर समेत अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया जाता है। या मरीज निजी अस्पताल में भारी भरकम रकम देकर इलाज कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
इन उपकरणों की है जरूरत
सर्जन डॉ. देवेश तिवारी ने बताया कि स्थायी ऑपरेशन थिएटर एवं अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं होने के चलते जरूरतमंद मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। कहा कि मरीजों के ऑपरेशन के लिए स्थायी ओटी, ओटी टेक्नीशियन, शल्य चिकित्सा में उपयोग होने वाले उपकरण, कॉटरी मशीन, ओटी लाइट, एनेस्थेटिक आदि की आवश्यकता है। उपकरण मुहैया होने के बाद जरूरतमंद मरीजों को बाहर ऑपरेशन के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
तीन बार भेजा गया इंडेंट
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि तीन बार इंडेंट भेजा जा चुका है। लेकिन अब तक उपकरण मुहैया नहीं कराए गए हैं। शासन की ओर से सामान मुहैया होने के बाद स्थायी ऑपरेशन थिएटर को सुव्यवस्थित करा दिया जाएगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।