अमेठी सिटी। दिन में गर्मी और रात में ठंड से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, गले में दर्द, बदन में दर्द से पीड़ित लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। करीब 40 फीसदी मरीज इन्हीं बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं।
फरवरी में लगातार मौसम बदल रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार दक्षिणी-पश्चिमी हवा की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। आर्द्रता भी अधिकतम 88 तो न्यूनतम 31 प्रतिशत पहुंच गई है। मौसम शुष्क बने रहने एवं पश्चिमी हवा के सामान्य गति से चलने की संभावना है। ऐसे में मौसम में बदलाव का असर घर-घर में देखने को मिल रहा है।
लोग खांसी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मौसम में बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने का सुझाव दिया जा रहा है। बदलते मौसम में लापरवाही बरतना लोगों के लिए महंगा पड़ रहा है। दिन की तेज धूप और सुबह-शाम की ठंड का आलम यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में सर्दी-जुखाम और बुखार के मरीज डेढ़ गुना तक पहुंच रहे हैं। रक्तचाप, हृदय, सांस रोगी और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी कम नहीं है। सर्दी के दिनों में ओपीडी में 700 से 800 मरीज पहुंच रहे थे। अब 1100 से 1200 तक पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अमित यादव ने बताया कि बदलते मौसम से लोग एलर्जी, सर्दी-खांसी, बुखार समेत अन्य बीमारियों की चपेट में ज्यादा आ रहे है। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। इस मौसम में अधिक ठंडा पानी न पिएं, साथ ही खानपान का विशेष ख्याल रखें। खाने में हरी सब्जियों का भरपूर इस्तेमाल करें।
ये हैं मौसमी बीमारियां
- गले में खराश, छींक आना, आंखों में पानी।
- नाक से गले में बलगम का जाना।
- तेज बुखार या मांसपेशियों में दर्द।
मौसम बदलने के दौरान बरतें सावधानी
फिजीशिनयन डॉ. शुभम पांडेय का कहना है कि बदलते मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा होता है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव की जरूरत है। सीने में जरा सा भी दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार लें। गर्म पानी पीएं। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। इन उपायों से सर्दी के साथ ही बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
नोट- जिला अस्पताल से प्राप्त ओपीडी के आंकड़े
तारीख - बुखार - खांसी - जुकाम - पेट दर्द - लूजमोसन - मनोरोग - कुल मरीज
30 जनवरी - 242 - 72 - 74 - 58 - 31 - 121 - 779
31 जनवरी - 342 - 74 - 70 - 64 - 50 - 108 - 802
एक फरवरी - 291 60 - 64 - 34 - 39 - 118 - 681
दो फरवरी - 454 78 - 82 - 67 - 69 - 132 - 1116
मौसम बदलाव में बढ़ती हैं बीमारियां
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। सावधानी न बरतने के कारण बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर मरीजों का उपचार करते हुए जरूरी होने पर उनकी जांच भी करवा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को दवा के साथ परामर्श दिया जा रहा है।
- डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल गौरीगंज