भादर (अमेठी)। त्रिसुंडी स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में तैनात एक जवान ने बृहस्पतिवार रात साथी की राइफल से खुद को गोली मार ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फायर की आवाज सुनते ही ग्रुप सेंटर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम कराने के साथ ही मामले की छानबीन में जुट गई है।
असम राज्य के बक्शा जिले के थाना शिमला व गांव मजराबारी के रहने वाले हिरनिया दास (33) की तैनाती इन दिनों सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर त्रिसुंडी में थी। वह पत्नी संगीता दास व दो बच्चों के साथ किराए का मकान लेकर रामगंज बाजार में रहता था। पत्नी की शिकायत पर उसे पिछले पांच दिनों से ग्रुप सेंटर में रखा गया था।
बृहस्पतिवार रात करीब 11:00 बजे हिरनिया दास ने क्वार्टर गार्ड में धोखे से साथी सिपाही की राइफल लेकर अपने गले के पास गोली मार ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज आते ही ग्रुप सेंटर में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे सिपाहियों और अफसरों ने घटना की सूचना विभागीय डीआईजी दलजीत सिंह लक्खा (अवकाश पर बाहर), उप कमांडेंट कफील अहमद, पीपरपुर एसओ रवींद्र सिंह व उसकी पत्नी संगीता दास को दी।
सूचना मिलते ही डीआईजी को छोड़ सभी मौके पर पहुंचे। विभागीय उप कमांडेंट की मौजूदगी में सिपाही के शव का पंचनामा कर शुक्रवार सुबह पोस्टमॉर्टम के लिए गौरीगंज भेजा गया। एसओ रवींद्र सिंह ने बताया कि सिपाही ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या की, इसकी जांच की जा रही है।
26 माह पूर्व हुई थी तैनाती
हिरनिया दास 16 जुलाई 2007 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर त्रिसुंडी में उसे सात दिसंबर 2017 को तैनाती मिली थी। इसके बाद से ही वह अपनी पत्नी संगीता दास के साथ रामगंज बाजार में एक किराए के मकान में रहता था। उसके दो बच्चे हैं। छह वर्षीय पुत्र धृतराज पीपरपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित सेठ एमआर जयपुरिया विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ता है जबकि पुत्री गौरी अभी मात्र सात माह की है।
कहा, जिंदगी से ऊब गया हूं
आत्महत्या करने से करीब 20 मिनट पूर्व उसने अपनी पत्नी से फोन पर बात की। उसने पत्नी से कहा कि अब मैं और अधिक जीना नहीं चाहता हूं। हालांकि संगीता ने अपने पति की इस बात को गंभीरता से नहीं लिया।
शराब का आदी था जवान
संगीता ने रोते हुए बताया कि उसके पति की इस बीच तबीयत खराब चल रही थी। बावजूद इसके वह पिछले कुछ दिनों से रोज शराब पी लेता था। उसकी शिकायत पर अफसरों ने पिछले पांच दिनों से उसके रुकने की व्यवस्था कैंप के अंदर कर दी थी जिससे उसकी आदत में सुधार हो सके।
डीआईजी की पत्नी ने दी सांत्वना
डीआईजी दलजीत सिंह लक्खा की पत्नी ने मृत जवान के रामगंज स्थित आवास पर पहुंचकर उसकी पत्नी संगीता से मुलाकात कर परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान संगीता ने पति के फोन पर कही गई बातों को उनसे बताया। कहा कि उसे तनिक भी अंदाजा नहीं था कि उसके पति सचमुच ऐसा कदम उठा लेंगे।