अमेठी सिटी। जिला अस्पताल गौरीगंज में चिकित्सा सुविधाओं का लाभ बुजुर्ग महिला को मिला। शनिवार को मलिक मोहम्मद जायसी संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात ऑर्थो सर्जन डॉ. राजीव शुक्ला ने उर्मिला देवी (70) के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण कर एक नया जीवन दिया। वृद्धा विगत छह महीने से टूटी कूल्हे की हड्डी के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थी।
भादर विकासखंड के ओझा का पुरवा गांव निवासी उर्मिला देवी करीब छह महीने पूर्व फिसल कर गिर गई थीं। प्रारंभिक इलाज गांव के डॉक्टरों से करवाने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। तीन अप्रैल को उर्मिला देवी परिजनों संग जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने ऑर्थो सर्जन डॉ. राजीव शुक्ला से परामर्श लिया। डॉक्टर ने जांच व एक्सरे करवाया तो रिपोर्ट में उर्मिला देवी के कूल्हे की हड्डी टूट चुकी है, जिसका इलाज केवल ऑपरेशन से ही संभव था।
इसके बाद उर्मिला को अस्पताल में भर्ती कर शनिवार को ऑपरेशन कर कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया गया। डॉक्टर की मेहनत से ऑपरेशन सफल हुआ। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार को उर्मिला देवी को अपने पैरों पर खड़ा कर चलाया। चलने के बाद भावुक होकर वृद्धा ने अश्रुपूरित नेत्रों से डॉक्टर को धन्यवाद किया। बुजुर्ग ने कहा कि उसने उम्मीद छोड़ दी थी कि कभी फिर चल पाएंगी, पर डॉक्टर ने उन्हें नया जीवन दिया है। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में बुजुर्ग उर्मिला के कूल्हे का प्रत्यारोपण ऑपरेशन में निश्चेतक विशेषज्ञ डॉ. अमर सिंह चंदवाल, फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय, स्टाॅफ नर्स बनवारी और वार्ड आया मोनिका शामिल रहीं।