जायस (अमेठी)। विसर्जन के लिए ले जाई जा रही दुर्गा प्रतिमा पर गुरुवार सुबह एक युवक ने पथराव कर दिया। करीब एक घंटे बाद मूर्ति विसर्जन कर वापस लौटे श्रद्धालुओं को जब यह पता चला कि सूचना के बावजूद न तो पुलिस मौके तक आई और न ही आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो लोगों ने स्थल पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस अफसर आनन फानन मौके पर पहुंचे और आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। एसपी के आश्वासन पर श्रद्धालु प्रदर्शन समाप्त कर थाने पहुंचे और तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
स्थानीय थाना क्षेत्र के फरीदपुर परवर गांव में तैयार दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। गुरुवार को दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र की अगुवाई में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर बुशैला ड्रेन ले जाई जा रही थी। श्रद्धालु प्रतिमा को ग्राम पंचायत के दूसरे कोने पर स्थित नाराजगी बाबा के स्थान पर दर्शन के लिए ले जाकर वापस लौटे थे। वे लौटकर गांव के तिराहे पर पहुंचे ही थे कि गांव निवासी युवक इस्लाम (19) ने लगातार प्रतिमा पर तीन पत्थर फेंके।
दो पत्थर प्रतिमा पर तो एक पत्थर प्रतिमा पकड़कर कर बैठे विकास के सिर पर लगा। इसके बाद युवक मौके से फरार हो गया। समिति सदस्य व श्रद्धालुअ पुलिस को सूचना देकर प्रतिमा विसर्जन करने चले गए। विसर्जन के बाद जब समिति के लोग वापस लौटे तब तक जायस पुलिस न तो मौके पर पहुंची थी और न ही आरोपी युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई की थी। इससे नाराज समिति सदस्य व अन्य लोग धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर एसपी डॉ. इलामारन जी. पुलिस अफसरों व फोर्स के साथ जायस पहुंच गए। एसपी के निर्देश पर सक्रिय पुलिस आरोपी युवक को अपनी हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे एसपी के आश्वासन पर लोग शांत हुए और थाने आए और आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने युवक पर केस दर्ज कर लिया है।
छावनी में तब्दील रहा कस्बा
प्रतिमा पर पथराव तथा प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसपी ने भारी संख्या में पुलिस बल जायस कस्बे में तैनात कर दिया गया। एसडीएम तिलोई फाल्गुनी सिंह, सीओ तिलोई डॉ. अजय कुमार सिंह, सीओ गौरीगंज मयंक द्विवेदी, ट्रेनी सीओ गौरीगंज के साथ ही कई थानों की पुलिस फोर्स, क्यूआरटी व पीएसी जवानों को जगह-जगह तैनात कर दिया गया। कस्बा में स्थापित प्रतिमाओं को देर शाम तक विसर्जन के लिए गोमती के आमघाट पर ले जाया गया।