अमेठी सिटी। गौरीगंज में एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को चार सदस्यीय टीम ने निजी अस्पताल पहुंचकर सर्जन व संचालक सहित चार कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस को परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
गौरीगंज इलाके के उसहरनपुर मजरे सराय हृदयशाह गांव निवासी दशाराम की पत्नी कंचन को बुधवार को ऑपरेशनइ के लिए गौरीगंज कस्बे में एक निजी अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
करीब सात घंटे तक चले हंगामे के बाद भी परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। इधर, हंगामे का संज्ञान लेते हुए सीएमओ द्वारा गठित की गई चार सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद की अगुवाई वाली टीम ने अस्पताल पहुंचकर सर्जन व संचालक सहित चार के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही अस्पताल की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली है। टीम का कहना है कि शुक्रवार को पीड़ित पक्ष का बयान दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा।
अस्पताल के चिकित्सकों की होगी जांच- महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल के चिकित्सकों की भी जांच कर रहे हैं। अस्पताल में कौन-कौन चिकित्सक कार्यरत हैं, कौन ऑन काॅल की सुविधा दे रहे हैं। साथ ही बेहोशी के चिकित्सक कौन हैं। हालांकि, अस्पताल संचालक की शैक्षिक योग्यता को लेकर अधिकारियों से मौखिक शिकायत की गई है, जिसकी जांच स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
जांंच करवाई जा रही
पूरे मामले की जांच चल रही है। टीम ने कुछ लोगों के बयान रिकार्ड किए हैं। कुछ के शेष हैं। अस्पताल रजिस्ट्रेशन के प्रपत्र पर संचालक के हस्ताक्षर हैं, फिर भी जांच कराई जा रही है।
- डॉ. अंशुमान सिंह, सीएमओ अमेठी