अमेठी। केंद्र सरकार की ओर से लागू कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलित किसानों को सपा का भी समर्थन हासिल हो गया है। पार्टी नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। गौरीगंज में कलेक्ट्रेट तो अन्य तहसीलों में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने तहसील अफसरों को ज्ञापन सौंपा।
केंद्र सरकार की ओर से पिछले दिनों लागू किए गए तीन किसान कानून के खिलाफ कई प्रदेश के किसान आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन बढ़ता देख विभिन्न राजनीतिक दलों ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए सभी जिलाध्यक्षों को कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन का निर्देश दिया है। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को जिले के सपाई सड़क पर उतर आए।
जिला मुख्यालय पर जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव के नेतृत्व में तो अमेठी में सपा नेता शंभू यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में तथा आंदोलित किसानों के समर्थन में किसान यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
सपा नेताओं ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती किसानी को बचाने के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है। कहा कि किसान पूरी तरह बदहाल है। सरकार की गलत नीतियों के चलते एक ओर जहां छुट्टा मवेशी उनकी फसल चौपट कर रहे हैं वहीं भाजपा सरकार द्वारा किसानों को गेहूं, धान व गन्ना का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दिया जा रहा है।
नया कानून लाकर सरकार किसानों को पूंजीपतियों के हाथ बेचने का काम कर रही है। किसानों की आवाज दबाने के लिए उन पर बल प्रयोग कर रही है और फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है। कहा कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ आंदोलित किसानों के समर्थन में हम लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हर संभव किसानों की मदद की जाएगी।
अमेठी में प्रदर्शन के दौरान सीओ अर्पित कपूर और कोतवाली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कोतवाली तिराहे पर रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने शहर के अंदर कार्यकर्ताओं को नहीं घुसने दिया।