अमेठी सिटी। जिले में रविवार रात विभिन्न स्थानों पर आयोजित रामलीला में रामकथा के प्रसंग जीवंत हो उठे। अमेठी में हनुमान की समुद्र यात्रा से लंका दहन तक की लीला ने दर्शकों में उत्साह भरा तो निहालगढ़ में राम वनगमन और भरत मिलाप के दृश्यों ने लोगों को भावुक कर दिया।
गौरीगंज में राम-सुग्रीव मित्रता और बालि वध, मुसाफिरखाना में अक्षय कुमार वध और अंगद-रावण संवाद तथा सरायखेमा में माता सीता हरण और राम-शबरी मिलन का मंचन हुआ। कलाकारों के अभिनय के दौरान जय श्रीराम के जयकारों से रामलीला मैदान गूंजते रहे।
अमेठी में 10 दिवसीय महोत्सव के आठवें दिन संपाती के वानर सेना को मार्ग बताने, हनुमान के समुद्र लांघने, विभीषण से भेंट करने, अशोक वाटिका में माता सीता की खोज और लंका दहन के प्रसंग दिखाए गए। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस मौके पर राजेश अग्रहरि, सतीश श्रीवास्तव, ननके सिंह और गोविंद सिंह चौहान मौजूद रहे।
जगदीशपुर में ऐतिहासिक रामलीला के चौथे दिन रविवार रात राम वनगमन, केवट संवाद, राजा दशरथ के प्राण त्यागने और भरत मिलाप का मंचन हुआ। भगवान राम के वन जाने और पुत्र वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। चित्रकूट में भरत और भगवान राम के मिलन पर दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की।
गौरीगंज चौक बाजार स्थित श्रीरामलीला मैदान में अयोध्या से आए कलाकारों ने राम-सुग्रीव मित्रता, बालि वध और लंका दहन की लीला प्रस्तुत की। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष शीतला मिश्र, जिला प्रचारक पवन, नगर प्रचारक मनोज, भूपेंद्र शुक्ला, आदित्य मिश्र, राकेश अग्रहरि और अजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
अंगद-रावण संवाद का मंचन
मुसाफिरखाना/मुंशीगंज। मुसाफिरखाना मेंरामलीला मैदान में अक्षय कुमार वध और अंगद-रावण संवाद की लीला प्रस्तुत की गई। अंगद ने रावण को माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाने की सलाह दी। रावण के इन्कार पर अंगद ने दरबार में अपना पैर जमा दिया। रावण के योद्धा पैर नहीं हिला सके। मुंशीगंज के सरायखेमा गांव में आदर्श रामलीला समिति की ओर से माता सीता हरण, राम-शबरी मिलन, जटायु वध और राम-हनुमान मिलन के प्रसंगों का मंचन किया गया। समाजसेवी संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि रामलीला भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश देती है।